जम्मू-कश्मीर में बीते 24 घंटे से हो रही बारिश ने भारी तबाही मचाई है। राजोरी के मंजाकोट में बारिश से मकान ढह जाने से उसमें दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसकी पहचान मोहम्मद शौकत निवासी कलर मेंढर के रूप में हुई है।
कई जिलों में मूसलाधार बारिश से कई पुल बह गए हैं। इससे हजारों लोगों का आपस में संपर्क कट गया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से दर्जनों संपर्क मार्ग बंद हैं। पुंछ के सुरनकोट में बादल फटने से कई मकान और तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। मेंढर सेक्टर में तो एक कार बहुत देर तक पानी के बहाव में फंसी रही।
हालांकि उसमें किसी व्यक्ति के सवार न होने के कारण जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। वहीं रामबन के कई हिस्सों में भूस्खलन से बुधवार दूसरे दिन भी जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा।
इससे दोनों ओर से हजारों वाहन फंसे हुए हैं। कश्मीर जाने वाली जरूरी पदार्थों की सप्लाई रुकी हुई है। कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों की नदी नालों से दूर रहने की हिदायत दी है।
श्रीनगर में मंगलवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में बारिश हो रही है। गांदरबल के नाजवान क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। यहां तेज बारिश से कई सड़के बह गई हैं।
राजोरी के ठंडी कसी में फुटओवर ब्रिज ध्वस्त हो गया है। राजोरी और पुंछ जिले में दर्जनों स्थानों पर भूस्खलन से संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। कई मवेशी मारे गए हैं। नौशेरा की मनावर नदी में बाढ़ में फंसे व्यक्ति को बचाया गया।
कठुआ जिले के उज्ज दरिया में पानी के तेज बहाव में 15 लोग फंस गए, जिन्हें रेस्क्यू करके बाहर निकाला गया। महानपुर के बियानी में लोहे का पुल का एक हिस्सा बह गया है, इससे 20 हजार आबादी का संपर्क कट गया है।