मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार, जम्मू संभाग में 10 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है। इससे बाढ़, भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा रहेगा। 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चल सकती है।
जम्मू-कश्मीर में मानसून के सक्रिय होने के साथ सोमवार को कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। कश्मीर में भी पानी बरसा। धुंध और बारिश के कारण कटड़ा-सांझीछत चाॅपर सेवा बाधित रही। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार, जम्मू संभाग में 10 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है। इससे बाढ़, भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा रहेगा। 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चल सकती है।
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कश्मीर में कुछ इलाकों में एक घंटे तक बारिश हुई। इससे पारा तो गिरा, लेकिन गर्मी से बड़ी राहत नहीं मिली है। जम्मू की तुलना में श्रीनगर लगातार गर्म चल रहा है। जम्मू में दोपहर बाद काली घटाएं छा गई थीं। एक समय लग रहा था कि तेज बारिश होगी, लेकिन बूंदाबांदी के बाद उमस हावी रही। यहां आर्द्रता का प्रतिशत 88 पहुंच जाने से उमस परेशान कर रही है। चिनैनी और राजोरी में दोपहर बाद मूसलाधार बारिश हुई।