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तूफान से धराशायी हो गया शहर का विद्युत ढांचा

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तूफान से ताश के पत्तों की तरह गिरे विद्युत ढांचे की वजह से जम्मू जिले के अधिकतर इलाकों में बुधवार को बिजली गुल रही। बिजली नहीं रहने की वजह से पेयजल आपूर्ति भी बुरी तरह से प्रभावित होकर रह गई है।
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आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जम्मू जिले में सैकड़ों बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने से कई जगह से लाइनें टूट चुकी हैं। बहाली का काम तेजी से चल रहा है लेकिन पूरी तरह से बिजली आपूर्ति बहाल होने में समय लग सकता है।

बुधवार को जम्मू शहर के अधिकतर इलाकों में बिजली गुल रहने से लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा। बिजली नहीं रहने की वजह से पीएचई स्टेशनों पर पंपिंग नहीं होने के चलते पेयजल आपूर्ति भी नहीं हो पाई।
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पेयजल आपूर्ति भी बुरी तरह से प्रभावित

शाम तक कुछ इलाकों में बिजली की आपूर्ति बहाल हुई लेकिन अधिकतर इलाकों में बिजली गुल ही पड़ी हुई थी। बिजली विभाग की ईएमएंडआर्रई विंग जम्मू की चीफ इंजीनियर शहनाज गोनी का कहना है कि तूफान का असर जम्मू जिले में व्यापक रहा।

इससे बिजली ढांचे को क्षति पहुंची है। बड़े-बड़े पेड़ बिजली लाइनों पर गिरने से बिजली बहाली के काम में समय लग रहा है। चरणबद्ध तरीके से बिजली की आपूर्र्ति को बहाल किया जाएगा।

वहीं पीएचई विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर सुनील गुप्ता का कहना है कि बिजली नहीं रहने की वजह से पंपिंग नहीं हो पाती। इस वजह से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है।
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बाढ़ से क्षतिग्रस्त पीएचई ढांचे का लिया जायजा

पीएचई, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के आयुक्त सचिव डा. पवन कोतवाल ने बुधवार को बोरिया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, आरटीआईसी पंप और सितली वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा कर बाढ़ से क्षतिग्रस्त पीएचई ढांचे के नुकसान और पेयजल आपूर्ति का जायजा लिया।

कोतवाल ने इस अवसर पर पीएचई अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त ढांचे को पूरी तरह से बहाल किया जाए, ताकि पुराने शहर के अलावा जानीपुर, न्यू प्लाट, भठिंडी, छन्नी हिम्मत, सैनिक कालोनी और आसपास के इलाकों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से बहाल हो सके।

बोरिया प्लांट में उन्होंने पीएचई इंजीनियरों से कहा कि वह स्वच्छ पेयजल आपूर्ति को सुनिश्चित करें। उन्होंने इंजीनियरों को पुराने सिस्टम के तहत सॉलिड एलम के प्रयोग को बदलने के लिए भी कहा। आयुक्त सचिव ने तवी बैराज को पहुंचे नुकसान और बहाली कार्य का भी जायजा लिया।

इस अवसर पर आयुक्त को बताया कि गया कि करीब 246.25 करोड़ का नुकसान जम्मू जिले में पीएचई, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग को हुआ है। आयुक्त सचिव के साथ हाइड्रालिक सर्किल के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर भी थे।
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