बस स्टैंड में एक बार फिर से यात्रियों को रास्ता बंद होने के कारण रुकने के लिए मजबूर होना पड़ा है। बिगड़ैल मौसम ने मुसाफिरों की राह में फिर रोड़ा डाला। ये यात्री शनिवार और रविवार के बीच पहुंचे थे। इसके साथ ही बारिश का पानी भी प्लेटफार्म पर पहुंचने से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
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यात्रियों के लिए दिक्कत यह बनी है कि वे अपना सामान भीगने से बचाएं या अपने परिवार को सुरक्षित स्थान पर लेकर जाएं। दो दिनों के बीच करीब 400 के लगभग यात्री बस स्टैंड में रुके हैं। जानकारी के मुताबिक मुंबई, दिल्ली, पंजाब, गुजरात और हरियाणा सहित अन्य राज्यों में काम करके घर लौट रहे लोगों को श्रीनगर का रास्ता बंद होने के कारण बस स्टैंड में रुकना पड़ा है।
इनमें अधिकतर लोग गरीब तबके के हैं, जो कि श्रीनगर में सर्दी बहुत ज्यादा होने पर रोजी-रोटी के लिए दूसरे शहरों में चले जाते हैं। श्रीनगर, कुपवाड़ा, बारामुला और कश्मीर सहित अन्य जिलों में जाने वाले लोग इंतजार में हैं कि कब रास्ता खुले और वे अपने घर पहुंच सकें।
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इससे पहले मौसम खराब होने की वजह से बस स्टैंड में फंसे यात्रियों की संख्या हजारों में पहुंच गई थी, परेशान होकर मुसाफिर सड़क पर आ गए थे। उन्हें प्रशासन की ओर से खुलवाए गए रास्ते के चलते शनिवार की सुबह ही रवाना कर दिया गया था, लेकिन दोबारा से मौसम खराब होने पर शनिवार और रविवार को पहुंचे लोगों को अभी इंतजार करने के लिए कहा गया है।
बस स्टैंड में कुछ जगह पर लोग चादर बिछाए बैठे दिखे तो अधिकतर जगह पर लोग प्लेटफार्म गीला होने के कारण खड़े रहने को मजबूर थे।
सड़कों पर जलभराव, राहगीर परेशान
रविवार को पहले सुबह और फिर शाम को हुई बारिश ने शहरवासियों की दिक्कतें बढ़ा दीं। निजी कार्यालय से घर लौटने वाले लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी है। सड़कों पर पड़े गड्ढों में पानी भरने से राहगीर और दोपहिया वाहन चालक परेशान रहे।
नाइट शिफ्ट ड्यूटी करने वाले लोग भी कठिनाइयों से जूझते रहे। बारिश से शहर में लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं। शहर के डोगरा चौक, ज्यूल, गुम्मट, प्रेम नगर, कनाल रोड, तालाब तिल्लो, भगवती नगर, गांधीनगर और सतवारी में जलभराव हुआ।
पानी भरा होने के कारण गड्ढों का अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है कि उनकी गहराई कितनी है। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन में भी लोग बारिश रुकने का इंतजार करते रहे। कुछ ट्रेनों के देरी से चलने के कारण उन्हें प्लेटफार्म पर ही इंतजार करना पड़ रहा है।
कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही
खराब मौसम और तेज हवाओं से हिले विद्युत ढांचे की वजह से कई इलाकों में रविवार को घंटों बिजली गुल रही। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पेड़ों की टहनियों के बिजली लाइनों पर गिरने के अलावा बिजली के खंभों और ट्रांसमिशन लाइनों को नुकसान हुआ है।
बिजली की आपूर्ति प्रभावित होने की वजह से पेयजल आपूर्ति पर अभी असर पड़ा है। जम्मू शहर के तीनों विधानसभा क्षेत्रों जम्मू पूर्व, गांधीनगर और जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति पर असर पड़ा है। पेयजल आपूर्ति का पूरा सिस्टम पंपिंग पर निर्भर करने की वजह से बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।
बिजली विभाग की ईएमएंडआर्रई डिवीजन जम्मू के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर सुनील कुमार का कहना है कि खराब मौसम की वजह से बिजली आपूर्ति पर असर तो पड़ता ही है। फिलहाल बिजली ढांचे को कोई बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
बारिश और ओलों ने ठंड में भी किसानों के माथे पर पसीना ला दिया है। पहले ही मौसम की बेरुखी झेल रहे किसानों पर उस समय आफत आन पड़ी जब रविवार को जम्मू जिले के बहुत बड़े क्षेत्र में बारिश के साथ ओले पड़े। जिसके बाद से किसानों में काफी मायूसी छाई है।
इसके साथ ही किसानों को बारिश और ओलों के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को आर्थिक मदद देने की आवाज भी उठनी शुरू हो गई है। रविवार को जम्मू संभाग में बारिश और ओले गिरने से किसानों की समस्याएं बढ़ गई हैं। ओले गिरने से गेहूं के साथ-साथ सब्जियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
जिसके चलते क्षेत्र में पंचों और सरपंचों ने सरकार से किसानों की मदद करने की गुहार लगाई है। मिश्रीवाला के सरपंच गुरबचन सिंह ने पंचायत के विभिन्न सब्जी उत्पादक गांवों को दौरा कर किसानों की समस्याओं को सुना।
इसके अलावा पंचायत सहारन के सरपंच शाम लाल शर्मा, नई बस्ती के सरपंच ओम प्रकाश वर्मा, करलूप के सरपंच हरजीत सिंह, गंगोचक्क के सरपंच सतपाल चौधरी, पंजोड के सरपंच शाम लाल शर्मा, राजपुरा को सरपंच धनत्तर सिंह (बिट्टू) ने सरकार से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई को लेकर उन्हें आर्थिक मदद देने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि बारिशों और ओलों के कारण गेहूं के साथ-साथ मटर, टमाटर, कड़म, प्याज के अलावा गर्मी की सब्जियों की पनीरियां भी खराब हो गई हैं।