मंदिरों के शहर में वीरवार को मौसम के कई रूप देखने को मिले। दिनभर तेज बारिश के बाद रात को जमकर ओले बरसे। काली घटाओ ने दिन को रात में तब्दील कर दिया। सड़कों पर वाहनों के पहिए थम गए। रोशनी के लिए हेड लाइट आन करनी पड़ी। मौसम के बिगड़े मिजाज से कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही।
पहाड़ों पर पीछे हो रही बारिश से सूर्य पुत्री तवी नदी में अचानक जलस्तर भी बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चौबीस घंटों में कई उच्च पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश हो सकती है।
वीरवार तड़के ही मौसम के बिगड़े मिजाज ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया था। आसमान पर छाई काली घटाओ के बीच इंद्रदेव भी रुक रुक कर बरसते रहे। लेकिन शाम तीन बजे अचानक सब कुछ बदल गया।
आसमान पूरी तरह काले बादलों के साथ ढक गया। दिन में ही घना अंधेरा छा जाने से कमरों और बाजारों में बत्तियां जलानी पड़ी। मौसम के इस रंग को देख हर कोई हैरान था। ऐसा लग रहा था कि आज इंद्रदेव किसी को नहीं मानेंगे।