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जेनरेटर ठप, गंभीर बीमारियों के आपरेशन अटके

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संभाग के सबसे बड़े अस्पताल जीएमसी में सोमवार को बिजली आपूर्ति ठप होने और एक जेनरेटर सेट के बैठ जाने से कई आपरेशन स्थगित करने पड़े। आपरेशन के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने से भी कई दिक्कतें आईं। सूत्रों के अनुसार बिजली की कमी से मंगलवार को भी आपरेशन स्थगित किए जा सकते हैं।
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डीजल की किल्लत से अस्पताल में वैकअप बिजली सप्लाई सिस्टम भी सुस्त पड़ गया है, जिसमें कुछ घंटे की कटौती के दौरान अस्पताल के अधिकांश हिस्से अंधेरे में रहते हैं। अस्पताल के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार जेनरेटर खराब होने से आपरेशन थियेटर में समस्या आई है। मंगलवार इंजीनियरिंग विंग की ओर से क्लीयर्स मिलने पर आपरेशन किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि जीएमसी में आईसीयू, सीसीयू, इमरजेंसी सहित अन्य महत्वपूर्ण यूनिटों और जनरल वार्डों में सप्लाई के लिए चार जेनरेटर हैं। इसमें प्रति एक जेनरेटर पर एक घंटे में पचास लीटर की खपत होती है, लेकिन डीजल की किल्लत से अस्पताल प्रशासन के लिए सभी जनरेटर चलाना मुश्किल हो रहा है। इसमें जनरल वार्डों में इक्का दुक्का स्लाइट को छोड़कर अधिकांश हिस्से बिजली आपूर्ति नहीं की जाती है।
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जीएमसी में डीजल की किल्लत भी बढ़ी

सोमवार की सुबह सर्जरी के आपरेशन थियेटर में अचानक बिजली चले जाने से दिक्कत आई। उस दौरान आपरेशन चल रहा था, जिसे किसी तरह पूरा किया गया। इसके बाद अन्य आपरेशन स्थगित करने पड़े। सूत्रों के अनुसार जेनरेटरों में डीजल के लिए सालाना करीब 84 लाख रुपये का फंड जारी होता है, जो वित्त वर्ष से पहले ही खत्म हो चुका है। फंड की कमी से चलते डीजल की कमी है।

डीजल संकट की सबसे ज्यादा मार आपरेशन थियेटरों पर पड़ रही है। इससे मरीजों को सीधे तौर पर प्रभावित होना पड़ रहा है। जीएमसी में विभिन्न यूनिटों में आपरेशन के लिए मरीज को महीनों का इंतजार करना पड़ता है। जिसमें घंटों की कटौती के दौरान अस्पताल में बिजली बहाल रखने के लिए कोई दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है।
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