रियासत में नदियों और दरियाओं में ठंड से पनबिजली परियोजनाओं में क्षमता के मुताबिक उत्पादन न होने के अलावा बिजली की मांग बढ़ने से अघोषित कटौती की मार उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पनबिजली परियोजनाओं में उत्पादन क्षमता से एक तिहाई ही हो पा रहा है और ठंड का मौसम जाने के बाद साफ मौसम होने पर ही क्षमता के मुताबिक उत्पादन हो पाएगा।
ठंडक की वजह से कश्मीर और लद्दाख के अलावा जम्मू के सर्द इलाकों में बिजली की मांग काफी बढ़ चुकी है। बिजली विभाग की ओर से उत्तरी ग्रिड से बिजली खरीदने के बावजूद मांग और उपलब्धता में 1000 मेगावाट से ज्यादा का अंतर है।
इस अंतर की वजह से बिजली विभाग को जरूरत के अनुसार बिजली की कटौती करनी पड़ रही है। ढांचे पर ओवरलोड ज्यादा होने की वजह से आये दिन बिजली के ट्रांसफार्मरों के अलावा अन्य ढांचे में खराबी आना या जलना भी आम बात बन गई है।
इस वजह से कई इलाकों में कई-कई दिन तक बिजली आपूर्ति गुल रह रही है। बिजली विभाग के आयुक्त सचिव अरुण कुमार मेहता का कहना हैं कि पन बिजली परियोजनाओं में उत्पादन गिरने की वजह से समस्या आ रही है।