जम्मू। मौसम की करवट पर्वतीय इलाकों के किसानों और बागवानाें को नागवार गुजरी है। बुधवार दोपहर कठुआ और पुंछ जिले में भारी ओलावृष्टि के साथ तेज बारिश हुई, जिससे फल और सब्जी की फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। खासकर सेब, आड़ू, खुबानी, आलू बुखारा और सब्जियों की पनीरी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। वहीं, देर शाम जम्मू समेत आसपास के इलाकों में बारिश के तेज तेज हवा ने जनजीवन को अस्तव्यस्त कर दिया। कश्मीर घाटी में बुधवार को दिनभर धूप खिली रही परंतु शाम होते ही मौसम बिगड़ गया और मूसलाधार बारिश हुई।
पर्वतीय इलाकों में पिछले कई दिनों से बारिश का दौर जारी रहने से खरीफ सीजन की फसलों की बुआई में देरी हो रही है। वहीं, कुछ निचले पहाड़ी इलाकों में बुआई हो चुकी है, जिसे बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। मे इस बीच बागवानी और सब्जी की खेती को ओलावृष्टि से भारी नुकसान पहुंचा है।
जम्मू संभाग के 60 फीसदी क्षेत्र में ठंडी जलवायु वाले फलों की बागवानी होती है। इनमें मुख्य रूप से अखरोट, सेब, आलु बुखारा, खुबानी की फसलें शामिल हैं। कठुआ जिले के बनी, बसोहली ओर बिलावर में आधे घंटे तक तेज ओलावृष्टि होने से नुकसान हुआ है। बुधवार में दोहपर बाद शुरू हुई बारिश और ओलावृष्टि से आलु बुखारा, खुबानी, नाशपाती, आड़ू की फल और पत्ते झड़ गए। यहां गेहूं की फसल भी प्रभावित हुई।
आज और कल भी बिगड़ा रहेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार वीरवार और शुक्रवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश होगी। मौसम की करवट से तापमान में गिरावट हुई है। श्रीनगर में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब दो डिग्री कम रहकर 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जम्मू में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब चार डिग्री कम रहकर 33.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।