निचले इलाके जलमग्न, नदी-नालों के करीब रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट
डोडा। प्रदेश में बारिश लगातार कहर बरपा रही है। हर तरफ तबाही का मंजर है। कई सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मंगलवार को डोडा जिले में बाढ़ और नदियों का जलस्तर बढ़ गया। एक बच्ची समेत पांच लोगों की मौत हो गई। कई घरों को नुकसान पहुंचा है।
उपायुक्त डोडा, हरविंदर सिंह ने बताया कि लगातार तीन दिनों से बारिश हो रही है। दो जगहों पर बादल फटने की खबर है। एनएच 244 भी बादल फटने से बह गया है। टीमें इसे बहाल करने में जुटी हैं। गंडोर में घर गिरने से दो, थाथरी में बाढ़ में बहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, भद्रवाह के थनाला गांव में मकान गिरने से एक बच्ची की जान चली गई। एक शव कहारा गांव से बरामद हुआ है। वहीं, 15 आवासीय घर, एक गोशाला और एक निजी स्वास्थ्य केंद्र क्षतिग्रस्त हो गया है। तीन पैदल पुल बह गए हैं।
उन्होंने बताया कि भद्रवाह में नीरू नदी खतरे के निशान को पार कर गई है, जिससे कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। नदियों और नालों के करीब रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जिनमें से कई को डोडा सामुदायिक भवन में ठहराया गया है।प्रशासन ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। एजेंसी
चिनाब नदी का पुल खतरे में
चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल डोडा पुल पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह पुल डोडा को बटोत-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ता है। बाढ़ का पानी पुल के खतरनाक रूप से करीब बह रहा है, जिससे इसकी संरचना को नुकसान पहुंचने का डर है। बारिश के कारण भूस्खलन और चट्टानें गिरने से जिले में सड़क संपर्क बाधित हो गया है, जिससे कई गांव कट गए हैं। प्रशासन ने लाउडस्पीकरों वाले वाहनों को तैनात कर निवासियों को जल निकायों के पास न जाने की चेतावनी दी है और लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील की है। उपायुक्त ने बताया कि चिनाब नदी का उच्चतम बाढ़ स्तर 900 फीट है। वर्तमान में यह पहले ही 899.3 मीटर तक पहुंच चुकी है, इसलिए इसमें केवल एक और चौथाई मीटर का अंतर है। नदी और उसके आसपास की सड़कों पर लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है।