मामले में तीन लोगों को पुलिस ने पकड़ा है। लसवाड़ा के रहने वाले विनोद कुमार का शव बिश्नाह की नहर में मिला था। पुलिस ने इस केस में सुखविंदर कुमार निवासी समैलपुर, अरुण खजुरिया निवास समैलपुर और बिन्नी कुमार निवासी फतेहपुर सलारिया को गिरफ्तार किया था।
सुखविंदर ने पुलिस जांच में बताया कि मृतक विनोद और वह हेरोइन की कारोबार करते थे। एक दिन दोनों में बहस हुई और उसने विनोद को मार दिया। बाद में मैने अपने दो दोस्तों को बुलाया और वैन में डालकर मृतक को नहर में फेंक दिया।
जज ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि जांच अधिकारियों को एक बात याद रखनी चाहिए कि न्यायपालिका में कानून की देवी की आंखों पर पट्टी बंधी होती है। लेकिन जज अंधा नहीं है। जो अभियोजन के पेश सामग्री को देखने के लिए बैठा है कि क्या सही है और क्या गलत। इस तरह की जांच से ही अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं।
कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच किसी नए जांच अधिकारी को दें। एसएसपी जम्मू को कहा गया है कि वह वह इस मामले की जांच को एसआईटी बनाएं। साथ ही मामले की जांच में इतनी देरी होने की भी जांच करें। साथ ही एक महीने के भीतर मामले की जांच कराएं।
कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच करने वाले तमाम अफसरों ने इस मामले की जांच लापरवाही की है। शव को बरामद करने से लेकर अब तक जो भी कार्रवाई की गई। उसमें अफसरों ने ड्यूटी सही से नहीं की। दो साल एक हत्या मामले की जांच में लगा दिए और जांच भी घटिया किस्म की की। यदि पुलिस की जांच का यहीं स्टैंडर्ड है तो वो दिन दूर नहीं, जब आम लोगों का पुलिस से विश्वास उठ जाएगा। लोग अपना बदला लेने के लिए कानून को हाथ में ले लेंगे।