सांबा जिला अस्पताल में इमारतें बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन अस्पताल में आज भी स्टाफ उप जिला अस्पताल के बराबर ही है। उसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। यही नहीं आज भी छोटी सी बीमारी होने व हादसे में घायल को जम्मू रेफर कर दिया जाता है।
कैली मंडी के सरपंच लब्लु संबयाल, रछपाल, राकेश, मुकेश पंच, छेजू राम आदि ने बताया कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों के आपरेशन तक नहीं हो पा रहे हैं। शुक्रवार को एक महिला काजल कुमारी का पथरी का आपरेशन होना था। वह अस्पताल पहुंची तो उसे बताया गया कि मरीज को बेहोश करने वाले डॉक्टर छुट्टी पर हैं। उन्होंने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट से मिलने की कोशिश तो वह उपलब्ध नहीं थीं। बाद में उन्होंने सीएमओ से संपर्क कर बात करनी चाही वह भी उपलब्ध नहीं हुए। उन्होंने एडीसी विकास गुप्ता से भेंट कर उन्हें समस्या बताई। डॉक्टरों ने आपरेशन के लिए तिथि दी लेकिन बेहोश करने वाले तीनों डॉक्टर छुट्टी पर चले गए हैं। अब लोगों के आपरेशन ही नहीं हो पा रहे हैं।
एडीसी ने सीएमओ को डॉक्टरों की जानकारी देने को कहा कि बेहोश करने वाले डॉक्टरों को एक साथ कैसे छुट्टी पर भेज दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को जम्मू का रास्ता दिखा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जब सांबा में कें द्रीय मंत्री पहुंचे तो उन्हें भी जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के बारे बताया गया, लेकिन आज तक उचित कदम नहीं उठाया गया है। आज भी सांबा अस्पताल रेफर अस्पताल बन कर रह गया है।