पुरमंडल। ब्लॉक में कई स्वास्थ्य केंद्र किराये के कमरों में चल रहे हैं। ओपीडी भी एक ही कमरे में हो रही है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य केंद्रों की इमारत बनाने की मांग करते हुए स्थानीय पूर्व सरपंच सपना स्पोलिया, पूर्व सरपंच जोगिंदर शर्मा, ध्यान सिंह, रसूल हुसैन और करतार सिंह ने बताया कि पुरमंडल ब्लॉक की गांव पंचोली, संगड, मंडल, पाडल, राजपुरकोल्ड, करथोली, समेलपुर, सांदी आदि क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सालों से स्वास्थ्य केंद्र खोले गए हैं लेकिन इमारत तक नहीं बनाई जा सकी है। इससे स्थानीय ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी सही प्राथमिक उपचार नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करके इनका नाम आयुष्मान आरोग्य मंदिर रख दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में इनके माध्यम से चिकित्सा सुविधाएं को बढ़ाने का प्रयास कर दिया है। स्वास्थ्य केंद्रों में काम करने वाले चिकित्सा कर्मियों की संख्या को भी पहले के मुकाबले बढ़ा दिया गया है लेकिन पुरमंडल ब्लॉक के अंतर्गत चलने वाले इन केंद्रों को दशकों से किराये के कमरों में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी बीमार को प्राथमिक उपचार के लिए जाना पड़े तो एक या दो कमरों में चलने वाले इन केंद्रों में लोगों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इन कमरों में कई प्रकार के अत्याधुनिक उपकरण के अतिरिक्त तीन चार लोगों की ड्यूटी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक दो किराये के कमरे में स्वास्थ्य कर्मचारी, समान और आने वाले मरीजों के लिए सुविधा नहीं मिल पा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 40 वर्ष से किराये के मकान में चलने वाली कटवालता पंचायत के मंडल गांव की डिस्पेंसरी को आज तक सरकारी भवन नसीब नहीं हो पाया है। इस कारण यह स्वास्थ्य केंद्र गांव में सातवें स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। लोगों का कहना है कि सरकार के प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य ढांचे में सुधार जरूर हुआ है लेकिन आम लोगों को इसकी सुविधा नहीं मिल रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार ब्लॉक दिवस और बैक तो विलेज कार्यक्रम में भी इन समस्याओं को उठाया जाता था है लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है।
लोगों ने जम्मू कश्मीर सरकार और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मांग की है कि जल्दी से जल्दी किराये के कमरों में चलने वाले स्वास्थ्य केंद्रों के लिए सरकारी भवन बनाए जाएं ताकि लोगों को सरकार की ओर से किए गए प्रयास का फायदा मिल सके।
बॉक्स
बजट की वजह से आज तक इन केंद्रों के लिए भवन नहीं बन पाए हैं। हर साल जो बजट आता है, उससे ब्लॉक में एक दो सेंटर की बिल्डिंग बनती है और उम्मीद है कि सरकार इसके लिए कोई बजट देगी ताकि इन सब सेंटर के लिए सरकारी भवन बन सके।
-राजकुमार शर्मा
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर पुरमंडल