विजयपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जम्मू ने रेडियो डायग्नोसिस और इमेजिंग विभाग के तहत वैरिकोज वेन्स रोगियों के उपचार के लिए एंडोवेनस लेजर एब्लेशन (ईवीएलए) सेवाओं की शुरुआत की है।
यह पहला मामला हाल ही में अत्याधुनिक इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी (आईआर) सुइट में किया गया, जो ईडी और सीईओ, प्रोफेसर शक्ति कुमार गुप्ता के नेतृत्व में संस्थान में न्यूनतम इनवेसिव वैस्कुलर देखभाल के एक नए युग का संकेत देता है। वैरिकोज वेन्स बढ़ी हुई व मुड़ी हुई नसें हैं, जो अक्सर निचले अंगों को प्रभावित करती हैं और अगर अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो काफी असुविधा और जटिलताएं पैदा कर सकती हैं। एक न्यूनतम इनवेसिव, अल्ट्रासाउंड-निर्देशित प्रक्रिया है जिसका उपयोग इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट द्वारा किया जाता है। इन समस्याग्रस्त नसों को बंद करने के लिए लेजर ऊर्जा का उपयोग करता है, जो रोगियों को डेकेयर प्रक्रिया के रूप में एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प प्रदान करता है। यह लगभग एक निशान रहित और सिवनी रहित प्रक्रिया है, जिसके उपचार के परिणाम अच्छे हैं और रिकवरी का समय भी कम है। यह प्रक्रिया रेडियो डायग्नोसिस और इमेजिंग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अंकित प्रभाकर के नेतृत्व में कुशल रेडियोलॉजिस्ट की एक टीम द्वारा अन्य संकाय सदस्यों, वरिष्ठ निवासियों, नर्सिंग अधिकारियों और अन्य स्टाफ सदस्यों के साथ की गई थी।