- आईएसीडीई नेशनल पीजी कनवेंशन में डेंटल सर्जन ने दिए व्याख्यान
- 1300 छात्रों ने दांतों में दर्द व बीमारियों के निदान की तकनीक जानीं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कन्वेंशन सेंटर में आईएसीडीई नेशनल पीजी कन्वेंशन के अंतिम दिन रविवार को कई व्याख्यान सत्र हुए। देश भर के डेंटल कॉलेजों से पहुंचे 1300 पीजी छात्रों को डेंटल सर्जन व विशेषज्ञों ने दांतों में दर्द इससे जुड़ी बीमारियों के निदान की तकनीक बताईं। एमडीएस भगत यूनिवर्सिटी मंडी गोबिंदगढ़ (पंजाब) के डीन डॉ. हरप्रीत सिंह ने एक ऐसी डिवाइस (ए कम्युनिकेशन सिस्टम बिटवीन डेंटल एंड पेशेंट) विकसित की है जिससे इलाज के समय मरीज को घबराहट नहीं होती।
उन्होंने बताया कि दांतों में दर्द से छुटकारा दिलाने के लिए कई अत्याधुनिक विधियां प्रयोग की जा रही हैं। इनमें बायो सिरेमिक का प्रयोग कर काफी हद तक दर्द से निजात मिल सकती है। अनौपचारिक बातचीत में डॉ. सिंह ने बताया कि अब तक देश व विदेश में उनके 110 शोधपत्र प्रकाशित किए जा चुके हैं। 120 देशों की यात्राएं कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि दांतों में दर्द से छुटकारा दिलाने की दिशा में उनकी तरफ से ऐसे यंत्रों का पेटेंट किया गया है जिनका प्रयोग रूट कैनाल में किया जाता है।
-
दांत घिस जाने पर लेजर एक्सरे तकनीक से इलाज संभव
मंगलौर से पहुंचीं डॉ. रक्षा भट्ट ने बताया कि मौजूदा समय में दांतों में सबसे बड़ी समस्या इनके घिस जाने की है। यदि दांतों में कीड़े लग गए हैं और काफी देर हो चुकी है तो रूट कैनाल या लेजर एक्सरे तकनीक से मैटीरियल फिलिंग का विकल्प बेहतर है। डॉ. रक्षा एबी शेट्टी मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज मंगलौर में कार्यरत हैं। उन्होंने लेजर एक्सरे तकनीक व बायो सेरेमिक्स पर लेक्चर दिया। उनके साथ लेजर तकनीक पर गाजियाबाद से आईं एमडीएस डॉ. रुद्रा कौल ने भी लेजर एक्सरे तकनीक पर व्याख्यान दिया।
डॉ.हरप्रीत सिंह। अमर उजाला
डॉ.हरप्रीत सिंह। अमर उजाला