हेड इंजरी, ट्यूमर से पीड़ित मरीजों को सीटी स्कैन के लिए जीएससी व अन्य अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। गांधीनगर अस्पताल में अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन लगी गई है। इससे अब इमरजेंसी मामलों में आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें अस्पताल परिसर में ही 24 घंटे जांच की सुविधा मिलेगी। ट्यूमर से पीड़ित या सड़क हादसे में हेड इंजरी वाले मरीजों को सीटी स्कैन के लिए जीएमसी जम्मू या अन्य निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा।
गांधीनगर अस्पताल को सीएसआर के तहत 128 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन मिली है। 6.5 करोड़ रुपये वाली मशीन को अस्पताल में इंस्टॉल कर दिया गया है। इससे जांच भी शुरू हो चुकी है हालांकि अभी प्रयोगात्मक है और जल्द पूरी तरह से जांच को शुरू किया जाएगा। मशीन लगने से इमरजेंसी मामलों जहां सीटी स्कैन की जरूरत होती है उसमें काफी तेजी आएगी जिससे उपचार की प्रक्रिया भी तेजी से शुरू होगी। गांधीनगर अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 600 मरीज ओपीडी में चिकित्सा परामर्श लेने आते हैं। ऐसे में यह सुविधा अस्पताल की डायग्नोस्टिक क्षमता को और मजबूत बनाएगी। गांधीनगर अस्पताल प्रबंधन के अनुसार हमारे पास प्रतिदिन सात से दस मामले ऐसा आते हैं जिनमें सीटी स्कैन की जरूरत होती है। ऐसे मरीजों को जीएमसी भेजना पड़ता है। जीएमसी में पहले ही मरीजों का दबाव रहता है जिससे सीटी स्कैन की डेट मिलने में समय लगता है। अब गांधीनगर अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा होने से ऐसे मरीजों को सुविधा मिलेगी। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक नरेंद्र भुटियाल ने कहा कि मरीजों को काफी सुविधा मिलेगी।
शहर के तीन प्रमुख अस्पतालों में
सीटी स्कैन सेवा ठप, मरीज परेशान
जम्मू। शहर के तीन प्रमुख श्री महाराजा गुलाब सिंह (एसएमजीएस), चेस्ट डिजीज (सीडी) और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू की सीटी स्कैन मशीनें खराब होने से सुविधा ठप है। इस कारण मरीज बेहाल हैं। वैकल्पिक व्यवस्था में तीनों अस्पतालों के मरीजों को बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल और जीएमसी जम्मू में भेजा जा रहा है। वहां भी मरीजों का पहले से लोड होने से सीटी स्कैन के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। कुछ मरीज निजी क्लीनिक में जाने के लिए मजबूर होते हैं जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। जीएमसी जम्मू और इसके संबद्ध अस्पतालों की बात करें तो यहां हर माह करीब 4500 सीटी स्कैन हो रहे हैं। इनमें जीएमसी की इमरजेंसी में ही रोजाना 100 से 120 और रेडियोलॉजी विभाग में 30-40 सीटी स्कैन हो रहे हैं।