- कर्मी बोले - हम बाढ़ पीड़ितों की मदद में लगे, विभाग फंड न होने का रोना रो रहा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत 12 हजार कर्मचारियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला है। केंद्र सरकार से वेतन जारी न होने का तर्क देकर प्रदेश सरकार ने असमर्थता जताई है। कर्मचारियों को अब सितंबर में वेतन मिलने का इंतजार है।
प्रदेश के ग्रामीण और शहरी इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों में ये कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। जून का वेतन जुलाई में मिला था। इसके बाद जुलाई और अगस्त का वेतन नहीं मिला। इस बीच अगस्त में रक्षाबंधन, कृष्ण जन्माष्टमी जैसे त्योहार बीत गए। अब सितंबर में नवरात्र और दशहरा है। ऐसे में कर्मचारियों को चिंता सता रही है। कर्मियों का कहना है कि वेतन न मिलने का असर घर के खर्च से लेकर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। प्रदेश में मूसलाधार बारिश और बाढ़ में हमने ग्रामीण व शहरी इलाकों में सेवाएं दीं, लेकिन विभाग वेतन नहीं दे रहा। एनएचएम कर्मचारी कई गुटों में बंटे हैं। इनमें एक जम्मू-कश्मीर एनएचएम इंप्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित सेठ ने कहा कि बीते कुछ सालों से वेतन विसंगति है। प्रदेश एनएचएम के निदेशक को जब विसंगति से अवगत करवाया तो उन्होंने केंद्र से वेतन जारी न होने की बात कही।
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स्पर्श पोर्टल से जोड़ा जा रहा
अब वेतन ट्रेजरी से होगा जारी
एनएचएम जम्मू-कश्मीर वित्तीय सलाहकार और मुख्य लेखा अधिकारी वनीत सिंह मन्हास ने कहा कि यह केंद्र समर्थित योजना है। वेतन केंद्र सरकार जारी करती है। कर्मचारियों का डेटा स्पर्श पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। अब वेतन सीधा ट्रेजरी से जारी होगा। इससे कर्मचारियों को भविष्य में वेतन विसंगति से निजात मिलेगी।