- परिजन ने जीएमसी में किया प्रदर्शन, आरोपी डाॅक्टरों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग
- जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। जीएमसी राजोरी में बीते शनिवार प्रसव के बाद गलत इंजेक्शन लगाने से वेंटिलेटर पर पहुंची नुसरत जहां पत्नी नजीर हुसैन ने सोमवार सुबह दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन ने इस लापरवाही पर दो चिकित्सा कर्मियों को निलंबित कर दिया है। जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
महिला की मौत पर परिजन ने जीएमसी में प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी डाॅक्टरों के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। परिजन ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपी डाॅक्टरों को गिरफ्तार करने की गुहार लगाई है।
घटना के बाद आनन-फानन जीएमसी प्रशासन ने जांच और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीएमसी के प्रिंसिपल प्रो. (डॉ.) एएस भाटिया ने उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन करते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। समिति में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. शमीम अहमद को अध्यक्ष बनाया गया है। एचओडी ईएनटी डॉ. विदुषी बडियाल, प्रशासनिक अधिकारी जीएमसी और डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. जाविद इकबाल कमेटी के सदस्य हैं। अब जांच समिति की रिपोर्ट और उसमें सामने आने वाले तथ्यों पर सबकी नजरें टिकी हुईं हैं। यदि जांच में किसी स्तर की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित डाॅक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
कमेटी को दिए गए महत्वपूर्ण दायित्व
- मरीज से संबंधित सभी मेडिकल रिकॉर्ड, उपचार प्रोटोकॉल, जांच रिपोर्ट, नर्सिंग रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज की समीक्षा की जाएगी।
- माैत तक पहुंचाने वाली परिस्थितियों और तथ्यों का पता लगाया जा रहा है।
- उपचार से जुड़े डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और अन्य संबंधित कर्मियों से पूछताछ की जा रही है।
- किसी भी प्रकार की लापरवाही, प्रक्रिया संबंधी उल्लंघन, कमी या चूक की पहचान की जा रही है।
- जहां भी लापरवाही, कदाचार या कर्तव्य में कोताही साबित हो, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी।
- समिति को जांच रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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नुसरत जहां को प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती किया गया था। मामले में चिकित्सा लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। जूनियर स्टाफ नर्स ताहिरा हुसैन और फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर फौजिया फरजाना को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों कर्मी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के कार्यालय से अटैच रहेंगे। सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना स्टेशन नहीं छोड़ेंगे। उन्हें जांच में पूरा सहयोग देने और आवश्यकता पड़ने पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. शमीम अहमद, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसी राजोरी
ये है मामला
बीते शनिवार कोटरंका क्षेत्र निवासी नुसरत जहां कोे प्रसव पीड़ा होने पर जीएमसी राजोरी में भर्ती कराया गया था। प्रसव से पहले ही डॉक्टर ने कुछ दवाइयां और इंजेक्शन न देने के लिए कहा था। परिजन ने बताया कि प्रसव के 10 घंटे बाद शनिवार शाम ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने लापरवाही से काम किया। बिना डॉक्टर की सलाह और फाइल देखे मरीज को इंजेक्शन लगा दिया, जिससे रिएक्शन हो गया और वह बेहोश हो गई। बेहोशी की हालत में प्रसूता को तत्काल वेंटीलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया। सोमवार सुबह नुसरत की जान चली गई। हालांकि, नवजात स्वस्थ है।