हाईकोर्ट ने सरकार को मंत्रियों और उच्च पदों पर आसीन लोगों के पीआरओ नियुक्त करने के लिए मानक मापदंड तय करने को कहा है।
प्रो. एसके भल्ला की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस ताशी राबस्तन ने कहा कि मापदंड निर्धारित करने की प्रक्रिया तीन माह में पूरी कर ली जाए।
हाईकोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि मंत्री किसी भी व्यक्ति या रिश्तेदार को अपना पीआरओ बना लेते हैं। अन्यथा एक फोरेस्ट गार्ड (केवल शर्मा) एसडीएम खौड़ की मौजदूगी में कैसे बाढ़ पीड़ितों के सरकारी चेक वितरित कर सकता है।