जम्मू। अगर मेहनत, हुनर और आत्मविश्वास हो तो छोटी शुरुआत भी बड़ी सफलता में बदल सकती है। सतवारी की साक्षी चौधरी ने हैंडमेड एक्सेसरी के कारोबार से साबित कर दिया है कि महिलाएं चाहें तो हुनर को रोजगार में बदलकर आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
कोरोना काल के दौरान बिना किसी आर्थिक मदद के उन्होंने हस्तनिर्मित हेयर एक्सेसरी और अन्य उत्पादों का काम शुरू किया। सबसे पहले मास्क और हेयर बैंड बनाने शुरू किए। धीरे-धीरे अभ्यास और नई चीजें सीखने की लगन के साथ उन्होंने अन्य प्रोडक्ट बनाए।
शुरुआत में यह सिर्फ शौक था लेकिन लोगों की पसंद और अच्छे रिस्पॉन्स ने इसे कारोबार बना दिया। वर्ष 2024 में पहली प्रदर्शनी लगाई और उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। अब तक करीब 20 से 25 प्रदर्शनियों में हिस्सा ले चुकी हैं। वह हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग से भी जुड़ी हैं।
साक्षी के अनुसार सोशल मीडिया के दौर में किसी भी उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने के लिए सिर्फ दुकान पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। उन्हें जम्मू-कश्मीर ही नहीं बल्कि दिल्ली, वेस्ट बंगाल, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों से भी ऑर्डर मिल रहे हैं जिनकी वह बल्क में सप्लाई भी करती हैं।
महिलाओं के लिए साक्षी कहती हैं कि किसी भी काम को शुरू करने से पहले सबसे जरूरी है हुनर को पहचानना और एक कदम उठाना जो आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।