प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गांवों के विकास के सपने को साकार करने के लिए प्रदेश शासन ने पहल शुरू कर दी है। चयनित नौ गांवों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा योजना पर बारीक नजर रखने के लिए 14 सदस्यीय हाई पावर कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी गांवों में होने वाले हर विकास कार्यों पर पैनी निगाह रखेगी। मुख्य सचिव कमेटी के अध्यक्ष हैं, जो पूरे मामले की देखरेख करेंगे।
राज्यपाल एनएन वोहरा के निर्देश पर सांसद आदर्श ग्राम योजना को रियासत में क्रियान्वित करने के लिए गठित राज्य स्तरीय हाई पावर कमेटी में योजना एवं विकास विभाग, पावर डेवलपमेंट, पीएचई, आर एंड बी, हेल्थ एंड मेडिकल एजुकेशन, वन, समाज कल्याण, इनफारमेशन टेक्नालाजी, एग्रीकल्चर प्रोडक्शन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, युवा सेवा एवं खेल विभाग के प्रशासनिक सचिवों को रखा गया है।
इसके साथ ही सिविल सोसायटी से एडब्ल्यू टाक और डीपी खजूरिया को भी कमेटी में रखा गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रशासनिक सचिव एमए बुखारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि योजना की निगरानी के साथ साथ कमेटी योजना के बेहतर क्रियान्वयन तथा अन्य पहलुओं पर सुझाव भी देगी।
सांसदों ने पुलवामा के नेवा, गांदरबल के मनिगाम, बारामुला के कालियाबन, कुपवाड़ा के लिटरवन, शोपियां के मलहोर, लेह के हानु, डोडा के बरठी, सांबा के संगवाली और जम्मू के मतवार गांव को गोद लिया है। रियासत में लोकसभा में भाजपा तथा पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के तीन-तीन सांसद हैं, जबकि राज्यसभा में नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) और कांग्रेस के दो-दो प्रतिनिधि हैं।