पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि बातचीत से ही कश्मीर समस्या का समाधान संभव है। बंदूक से मसले हल नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और हुर्रियत से बातचीत की जरूरत पहली बार महसूस नहीं की जा रही है। यह नया प्रस्ताव नहीं है। पिछले छह साल में पिछली सरकार बार-बार बातचीत से मसले के समाधान पर जोर देती रही है।
विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर ने कहा कि बंदूक से मसले को हल करने के प्रयास पहले भी हुए, लेकिन, सभी कोशिशें विफल हो गईं। उमर ने कहा कि आज कोई व्यक्ति सभी पक्षों से वार्ता की वकालत कर रहा है तो इसमें कुछ भी नया नहीं है।
अगर समस्या का समाधान खोजना है तो बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा पर उन्होंने मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन, यूनिफाइड कमांड की बैठकों, 26 जनवरी और 15 अगस्त के संबोधनों में हर बार उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत की जरूरत पर जोर दिया था।