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बंदूक कश्मीर समस्या का हल नहीं: उमर

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पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि बातचीत से ही कश्मीर समस्या का समाधान संभव है। बंदूक से मसले हल नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और हुर्रियत से बातचीत की जरूरत पहली बार महसूस नहीं की जा रही है। यह नया प्रस्ताव नहीं है। पिछले छह साल में पिछली सरकार बार-बार बातचीत से मसले के समाधान पर जोर देती रही है।
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विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर ने कहा कि बंदूक से मसले को हल करने के प्रयास पहले भी हुए, लेकिन, सभी कोशिशें विफल हो गईं। उमर ने कहा कि आज कोई व्यक्ति सभी पक्षों से वार्ता की वकालत कर रहा है तो इसमें कुछ भी नया नहीं है।

अगर समस्या का समाधान खोजना है तो बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा पर उन्होंने मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन, यूनिफाइड कमांड की बैठकों, 26 जनवरी और 15 अगस्त के संबोधनों में हर बार उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत की जरूरत पर जोर दिया था।
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उमर ने मांगा श्वेत पत्र

रियासत के वित्त मंत्री डॉ. हसीब द्राबू द्वारा आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र लाने के ऐलान के बारे में उमर ने कहा कि वह इसका विरोध नहीं करते हैं। लेकिन, आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र 1996 से अब तक के हालात पर लाया जना चाहिए। द्राबू उस समय को भी इसमें शामिल करें जब वह रियासत के आर्थिक सलाहकार और जेके बैंक के चेयरमैन थे।

तभी पूरी स्थिति सामने आ पाएगी। सिर्फ पिछले छह साल के आर्थिक हालात पर ही श्वेत पत्र क्यों लाया जा रहा है। अगर वित्त मंत्री सिर्फ पिछले छह साल पर ही श्वेत लाना चाहते हैं तो भी नेकां का कोई विरोध नहीं है। जब श्वेत पत्र आएगा तब हम उस पर प्रतिक्रिया देंगे। गौरतलब है कि द्राबू ने विधानसभा में कहा था कि वह आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र लाएंगे।
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