मौजूदा केंद्र सरकार अभी तक कश्मीर को समझ नहीं पाई है। इस लिए उसे यह पता नहीं चल पा रहा है कि कश्मीर के हालात को कैसे ठीक किया जाए। राज्यपाल शासन किसी समस्या का समाधान नहीं है। उक्त बातें उधमपुर और डोडा में पत्रकारों से बातचीत में राज्यसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने सोमवार को कही।
उन्होंने कहा कि कश्मीर या पाकिस्तान पर केंद्र सरकार के पास कोई ठोस नीति नहीं है, जिसके कारण वह हालात को ठीक करने में नाकाम हो रही है। गोली, पैलेट गन या लाठी से किसी मसला का हल संभव नहीं है। दुनियां में आज तक किसी समस्या का हल इन तरीकों से संभव नहीं हो सका है। लोकतंत्र में यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में हालात ठीक करने के लिए रियासत के सभी स्टेक होल्डर्स, सभी राजनीतिक दल और नागरिकों को विश्वास में लेकर बातचीत करनी होगी। पाकिस्तान से बातचीत के लिए ठोस नीति बनानी होगी।
इंटरनेट सेवा बंद होने से पत्थरबाजी कम होने के सवाल पर आजाद ने कहा कि मुझे ऐसा नहीं लगता है। उन्होंने व्यंग करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में कर्फ्यू रखेंगे तो कुछ भी नहीं होगा। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के प्रधानमंत्री से मुलाकात पर आजाद ने कहा कि यह सामान्य बात है। सभी मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से मुलाकात करते हैं। इसमें कोई नई बात नहीं है।