- शहर के अधिकतर फुटकर दुकानदार नहीं दे रहे नई दरों पर रोजमर्रा का सामान
- लीगल मेट्रोलॉजी विभाग की चेतावनी भी दुकानदारों पर असर नहीं डाल पाई, ग्राहक परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नई जीएसटी दरें लागू हुए 11 दिन बीत चुके हैं लेकिन शहर की जनता अभी तक इसका लाभ नहीं उठा पा रही है। बड़े मॉल और बड़े स्टोर संचालकों ने नई दरों पर सामान देना शुरू कर दिया है लेकिन शहर के अधिकतर फुटकर दुकानदार अब भी पुराने दाम पर रोजमर्रा का सामान बेच रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने सामान महंगे दामों पर खरीदा है इसलिए इसे तुरंत कम कीमत पर बेचना उनके लिए मुश्किल है। इस वजह से बचत उत्सव के दौरान खरीदारी करने वालों को उम्मीद के मुताबिक राहत नहीं मिल पा रही है।
कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर नई जीएसटी दरों का कोई नोटिस नहीं लगाया है। अगर कोई ग्राहक नई दरों पर सामान मांगता है तो कुछ दुकानदार उसे देने को तैयार हो जाते हैं लेकिन ये नियम पूरे बाजार में समान रूप से लागू नहीं हैं। लीगल मेट्रोलॉजी विभाग की बार-बार चेतावनी और निर्देश देने के बावजूद फुटकर दुकानदारों पर इसका असर नहीं दिख रहा है। राज्य कर विभाग और राजनीतिक दलों की ओर से जीएसटी सुधारों को लेकर जनजागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, जोकि नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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ग्राहकों को नहीं मिल रहा पूरा फायदा
पीरखो निवासी सोनू शर्मा ने बताया कि वह रोज बच्चों के लिए बिस्किट और चिप्स दुकान से खरीदते हैं। 10 रुपये वाला बिस्किट अभी भी पुराने दाम पर बिक रहा है। दुकानदार से बहस की तो वह नई दर पर देने को तैयार हुआ, लेकिन हर दुकान पर ऐसा नहीं है। रेजीडेंसी रोड पर रहने वाले पप्पू ओझा ने कहा कि खाने-पीने और रोजमर्रा का अधिकतर सामान पुरानी एमआरपी पर ही मिल रहा है। दुकानदार कहते हैं कि उन्होंने यह सामान पुराने दामों पर खरीदा है, तो नई दरों पर कैसे दे दें। रघुनाथ मंदिर के समीप रहने वाले मन्नू कुमार बताते हैं कि उन्होंने टूथपेस्ट और शैंपू के छोटे पैक खरीदे। दुकानदार पुराने दाम बता रहा था। मैंने नई दर पर देने की मांग की, तब भी नहीं माना। मजबूरी में खरीदना पड़ा। हम चाहते हैं कि नई दरें हर दुकान पर लागू हों, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
सामान
पुराना एमआरपी (रुपये में)
नया एमआरपी
बिस्किट
10
9
साबुन
20
18
शैंपू
18
15
टूथपेस्ट
12
10
खाना पकाने का तेल (250 मिली)
25
20
पनीर (250 ग्राम)
55
50
(अधिकांश फुटकर दुकानदार इन नई दरों पर सामान नहीं दे रहे हैं)
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विभाग कर रहे सख्ती का दावा
लीगल मेट्रोलॉजी विभाग के नियंत्रक राजिंदर सिंह तारा कहते हैं कि उनका विभाग नई दरें लागू होने के बाद से ही लगातार सक्रिय है। प्रदेश भर में करीब 1000 दुकानों का निरीक्षण किया जा चुका है। जरूरत पड़ने पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। अभी तक इस तरह के मामलों में विभाग चार लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूल चुका है। राज्य कर विभाग के आयुक्त पीके भट ने बताया कि सामान एमआरपी पर बिक रहा है या नहीं, इसकी सीधी जिम्मेदारी लीगल मेट्रोलॉजी विभाग की है। कर विभाग का काम यह देखना है कि कहीं जीएसटी की चोरी तो नहीं हो रही और जनता को जीएसटी सुधारों का लाभ मिल रहा है या नहीं। इसके लिए विभाग अपने स्तर पर अभियान चला रहा है। कर अधिकारियों को इस काम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।