फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आर्थिक जगत में अलग-थलग पड़ा जम्मू-कश्मीर,1 जुलाई से नहीं लागू होगा जीएसटी

Sun, 18 Jun 2017 11:48 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू
विज्ञापन
जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर एक जुलाई से आर्थिक क्षेत्र में अलग-थलग हो जाएगा। रियासत में पूरे देश के साथ एक जुलाई को अब जीएसटी लागू नहीं हो सकेगा। जीएसटी लागू करने के लिए विधानसभा सत्र में कश्मीर के हालत पर तो चर्चा हुई, लेकिन जीएसटी पर किसी ने एक शब्द भी नहीं कहा।
विज्ञापन


अलबत्ता संसदीय कार्य मंत्री ने इस मुद्दे को सदन की बिजनेस एडवाइजरी की बैठक में एजेंडा में शुमार करने की भी जरूरत नहीं समझी। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने बैठक में तय कर लिया कि सिर्फ मृत सदस्यों को श्रद्धांजलि देकर सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाएगा। इससे पहले सर्वदलीय बैठक में इसका फैसला हो चुका था।

यानी जिस मुद्दे के लिए सत्र बुलाया गया, उस पर बिल्कुल चर्चा नहीं करने पर सभी दलों में आम सहमति बन गई। अब सर्वदलीय पैनल अपनी रिपोर्ट जुलाई में देगा। इसलिए ही मानसून सत्र में जीएसटी विधेयक पारित कराना संभव हो पाएगा। इस तरह जम्मू कश्मीर में जीएसटी कम से कम दो माह देरी से लागू होने की संभावना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रियासत को होगा 10 हजार करोड़ का नुकसान

डेमो पिक
अगर अलगाववादियों और विपक्ष का विरोध तब भी जारी रहा तो जीएसटी का मामला खटाई में पड़ सकता है। एक जुलाई से जीएसटी लागू नहीं होने के कारण अब रियासत को 10 हजार करोड़ का नुकसान होगा। साथ ही जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है।

रियासत से फल और सामान बाहर भेजने में दिक्कत होगी। दूसरे राज्यों से आने वाले सामानों पर दो तरह के टैक्स लगेंगे। एक टैक्स जीएसटी के तहत होगा और दूसरा रियासत सरकार के कानून के तहत वसूला जाएगा। इससे सामानों के दाम बढ़ जाएंगे। रियासत को महंगाई झेलनी पड़ेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें