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जानिए उस मंदिर के बारे में जिस पर आतंकियों ने किया ग्रेनेड हमला

Thu, 31 Dec 2020 05:24 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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ग्रेनेड हमले के बाद तैनात जवान - फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने जिस ऐतिहासिक किले में स्थित मंदिर पर ग्रेनेड हमला करने की कोशिश की, वह अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब सात किलोमीटर की दूरी पर है। पिछले कुछ दिनों से लगातार आतंकियों की घुसपैठ को लेकर इनपुट भी मिल रहे थे।

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ऐसे में घने कोहरे की आड़ में आतंकियों की घुसपैठ की आशंका भी जताई जा रही है। बुधवार को ग्रेनेड से जिस किले मंदिर को निशाना बनाया गया है, पहले वहां एसओजी का इंटेरोगेशन सेंटर और जेल भी रह चुकी है। एक दशक भर इंटेरोगेशन सेंटर को हीरानगर से शिफ्ट किया जा चुका है। क्षेत्र को आतंकियों की घुसपैठ का पुराना रूट भी माना जाता रहा है।

2 अक्तूबर 2002 को आतंकियों ने हीरानगर में फिदायीन हमला किया था। हीरागनर स्टेडियम से सटी जिस खड्ड में आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई थी, वो खड्ड किले वाले मंदिर के नजदीक से गुजरती है।
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बता दें कि भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हीरानगर सेक्टर से सटे जांडी इलाके में प्राचीन किले वाले मंदिर पर आतंकियों ने ग्रेनेड हमला किया था। गनीमत रही कि आतंकियों का निशाना चूक गया, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। 

सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर भी जगह-जगह नाकाबंदी कर दी गई। 25 दिसंबर से चार दिनों के दौरान पुंछ और जम्मू में मंदिरों पर हमले की तैयारी करते छह आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। ऐसे में कठुआ जिले के हीरानगर में यह हमला पाकिस्तान की उसी साजिश का हिस्सा माना जा रहा है।

एसएसपी कठुआ डॉ. शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि शाम 7.30 बजे हीरानगर सेक्टर के एक मंदिर पर ग्रेनेड हमला किया गया। हमलावर अपना निशाना चूक गए। इससे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। 
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