करोड़ों रुपये के घाटे में चल रहे पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट (पीडीडी) के उत्थान के लिए सरकार निजी निवेश लाएगी। बिजली महकमे के प्रभारी और उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने विधानसभा में ‘कट मोशन’ के दौरान कहा कि पीडीडी 40 हजार करोड़ के घाटे में चल रहा है।
उसे वापस पटरी पर लाने और रियासत में 20 हजार मेगावाट बिजली पैदा करने के लिए देश के अलावा विदेश से भी निजी निवेश लाया जाएगा। डुलहस्ती और उड़ी पावर प्रोजेक्ट को केंद्र से वापस लेने के संबंध में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इसके लिए कटिबद्ध है। केंद्र सरकार से इस संबंध में बातचीत चल रही है।
केंद्र ने एनएचपीसी से बातचीत करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि गंठबंधन सरकार रियासत को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। जम्मू-कश्मीर को केंद्र से मिले कोल ब्लाक के संबंध में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने मध्य प्रदेश में कोल ब्लाक मुहैया करवाने की बात की है।