मुस्लिम लीग के नेता तथा अलगाववादी मसर्रत आलम पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। इससे जुड़ी सभी पुरानी फाइलों को खंगाला जा रहा है। केंद्र के सख्त रवैये तथा एडवायजरी के बाद गृह विभाग में पुराने मामलों को खोलने पर मंथन शुरू हो गया है। साथ ही इनकी कोर्ट में प्रभावी पैरवी करने की रणनीति बन रही है।
इस बीच खुफिया एजेंसियों को मसर्रत की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने को कहा गया है। गृह विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मसर्रत पर कुल 27 मामले लंबित हैं। अब सभी मामलों की पड़ताल की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये मामले किस स्तर तक पहुंचे हैं। सूत्रों ने बताया कि सभी मुकदमों का रिकार्ड तलब किया गया है। अब सभी मामलों में सरकार की ओर से प्रभावी कार्रवाई की जाएगी ताकि मसर्रत पर शिकंजा कस सके।