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मसर्रत पर ऐसे शिकंजा कसने की तैयारी

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मुस्लिम लीग के नेता तथा अलगाववादी मसर्रत आलम पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। इससे जुड़ी सभी पुरानी फाइलों को खंगाला जा रहा है। केंद्र के सख्त रवैये तथा एडवायजरी के बाद गृह विभाग में पुराने मामलों को खोलने पर मंथन शुरू हो गया है। साथ ही इनकी कोर्ट में प्रभावी पैरवी करने की रणनीति बन रही है।
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इस बीच खुफिया एजेंसियों को मसर्रत की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने को कहा गया है। गृह विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मसर्रत पर कुल 27 मामले लंबित हैं। अब सभी मामलों की पड़ताल की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये मामले किस स्तर तक पहुंचे हैं। सूत्रों ने बताया कि सभी मुकदमों का रिकार्ड तलब किया गया है। अब सभी मामलों में सरकार की ओर से प्रभावी कार्रवाई की जाएगी ताकि मसर्रत पर शिकंजा कस सके।
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मसर्रत पर हर पल है नजर

गृह विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मुकदमों की स्थिति के आधार पर रणनीति बनाई जाएगी। उधर, केंद्र के निर्देश के बाद खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। मसर्रत की गतिविधियों की पल-पल की जानकारी जुटाई जा रही है। उससे मिलने जुलने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि मसर्रत की मौजूदगी से शांति व्यवस्था की प्रक्रिया में खलल पड़ सकता है। मसर्रत के मामले में पिछले एक सप्ताह से सड़क से लेकर संसद तक बवाल मचा हुआ है। इस मसले पर सरकार तथा भाजपा की किरकिरी के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मसर्रत पर पैनी नजर रखने की हिदायत दी थी।

साथ ही पार्टी की ओर से राममाधव ने जम्मू आकर मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद से मुलाकात कर प्रधानमंत्री मोदी का संदेश दिया था कि देश की एकता और अखंडता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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