फर्जीवाड़ा करने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और वित्तीय निकायों की अब खैर नहीं। रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) ने ऐसे वित्तीय निकायों पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है। अनिगमित वित्तीय निकायों की कार्यप्रणाली पर आरबीआई की ओर से आयोजित 24वीं राज्य स्तरीय समन्वय समिति (एसएलसीसी) की बैठक की अध्यक्षता रियासत के मुख्य सचिव इकबाल खांडे ने की। इसमें आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक डी सेठी विशेष तौर पर मौजूद थे।
सदस्यों ने कहा कि जनता से गैरकानूनी रूप से रुपये जमा लेने वाले अपराधी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और निकायों पर नजर रखने के लिए आरबीआई, सेबी, आईसीएआई और पुलिस व क्राइम ब्रांच में समन्वय बनाकर काम करने की जरूरत है। मुख्य सचिव ने कहा कि हालांकि देश के अन्य राज्यों के मुकाबले जम्मू कश्मीर में धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों की संख्या काफी कम है, लेकिन इन कंपनियों के किसी भी तरह के कदाचार की जांच करने के लिए संरचित दृष्टिकोण और अधिक से अधिक समन्वय का पालन करना होगा।
उन्होंने अवाम की मेहनत की कमाई की सुरक्षा के लिए बेहतर नियामक तंत्र बनाने पर बल दिया। ऐसी धोखाधड़ी की घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है और उन्होंने क्राइम ब्रांच को ऐसे मामलों की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। समिति ने ऐेसे ठगों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने पर बल देते हुए कहा कि आरबीआई और सेबी वित्तीय साक्षरता और निवेशक जागरूकता कार्यक्रम रियासत में आयोजित करें। ताकि विद्यार्थियों को भी वित्तीय योजना की बुनियादी ज्ञान प्रदान किया जा सके।