जम्मू-कश्मीर में प्री-पेड मोबाइल सेवा को दो साल का विस्तार दे दिया गया है। और असम समेत देश के सभी पूर्वी राज्यों पर भी यह फैसला लागू होगा। इस फैसले का लाभ इन क्षेत्रों के 3.3 करोड़ मोबाइल उपभोक्ताओं को होगा।
केंद्रीय गृह सचिव एल सी गोयल की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में पहले से दी जा रही सेवाओं को बरकरार रखने का फैसला लिया गया। इन क्षेत्रों में सिम कार्ड जारी करने और उचित सत्यापन को लेकर अत्यंत एहतियात बरतने को कहा गया है।
जम्मू-कश्मीर की सीमा पाकिस्तान से लगती है जबकि उत्तर-पूर्वी राज्य चीन, म्यांमार, बांग्लादेश और भूटान के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। टेलीकॉम कंपनियां इन क्षेत्रों में जीएसएम और सीडीएमए तकनीक के जरिए सेवाएं प्रदान करतीं हैं।
साल 2009 में टेलीकॉम मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए इन क्षेत्रों में प्री-पेड मोबाइल सेवा प्रतिबंधित कर दी थी। हालांकि, एक साल बाद नए उपभोक्ताओं की सत्यापन प्रक्रिया पुख्ता करने और पुराने उपभोक्ताओं का फिर से सत्यापन करने की शर्त के साथ रोक हटा ली गई थी। यह समय सीमा 31 मार्च को खत्म हो रही थी और इससे पहले ही सरकार ने मियाद दो साल के लिए बढ़ा दी।