नेशनल स्टेट गवर्नमेंट इंप्लाइज फेडरेशन ने देश के विभिन्न राज्यों की तरह रियासत में भी मांग सप्ताह मनाया। इस दौरान कर्मचारियों के 17 सूत्री मांगों के हल के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजे गए।
फेडरेशन के महासचिव सुभाष वर्र्मा का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों में पचास फीसदी डीए को मूल वेतन में जोड़ने, सातवें वेतन आयोग को पूरे देश में एक साथ लागू करने, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, आयकर सीमा छूट को पांच लाख रुपये करने, सरकारी विभागों में निजी ठेकेदारी प्रणाली को खत्म करने, सभी तरह के अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के अलावा जीपीएफ ब्याज दर को सालाना 12 फीसदी करने, न्यूनतम वेतन अधिनियम को पूरे देश में लागू करने और जम्मू कश्मीर के सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों के मुलाजिमों को जनवरी महीने से देय डीए जारी करने पर जोर दिया गया है। बैठक में रतन दोशी, राम प्रकाश, वरुण डोगरा, देव प्रकाश, गणेश दास, बंसी लाल, सुमन शर्मा और संजय बाली आदि ने भी अपने विचार प्रकट किए।