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MLC सीटों पर फैसले में हो रही देरी

Sun, 05 Apr 2015 01:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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विधान परिषद में रिक्त मनोनीत सदस्यों की सीटों को भरने में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार की ओर से की जा रही देरी पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मौजूदा समय में 34 सदस्यीय विधान परिषद में पीडीपी-भाजपा गठबंधन के केवल 12 ही सदस्य हैं। इस वजह से विपक्ष कई बार सत्तापक्ष पर भारी पड़ता दिखा है। आठ सदस्यों के मनोनीत होने के बाद भाजपा-पीडीपी के सदस्यों की संख्या 12 से 20 हो जाएगी और विधान परिषद में सत्तापक्ष अल्पमत से बहुमत में आ जाएगा।
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पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 27 मार्च को विधान परिषद के चेयरमैन अमृत मल्होत्रा सहित पांच सदस्यों रविंद्र कुमार शर्मा, बशीर अहमद माग्रे, अजय कुमार सडोत्रा और शेख गुलाम कादिर परदेसी के रिटायर हो जाने और इससे पूर्व जावेद अहमद राणा के विधानसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद से सीट खाली है। नेकां सदस्य रहे शेख गुलाम रसूल ने 13 नवंबर 2014 को इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से उनकी सीट भी खाली हुई है।

इससे पूर्व एक अन्य मनोनीत सदस्य सुभाष गुप्ता पहले ही रिटायर हो चुके हैं। 27 मार्च 2015 से पूर्र्व तक गठबंधन सरकार को राज्यपाल के माध्यम से आठ सीटों पर अपने सदस्यों को मनोनीत करना था, लेकिन चार अप्रैल के बावजूद अभी तक सीटों को भरा नहीं जा सका है। विधान परिषद का सत्र दस अप्रैल तक ही है। ऐसे में चर्चाओं का दौर जारी है।
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चर्चा यह भी है कि कुल आठ सीटों में से पीडीपी चाहती है कि विधान परिषद में उसके पांच सदस्यों मनोनीत हों, जबकि भाजपा चाहती है कि दोनों पार्टियों के चार-चार सदस्य विधान परिषद के लिए मनोनीत हों। दोनों पार्टियों में आपसी सहमति बनने में देरी से आठ मनोनीत सदस्यों की घोषणा होने में देरी हो रही है।
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