राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रियासत के सभी ब्यूरोक्रेट को साफ संदेश दिया है कि वे या तो बढ़िया काम करें या फिर भुगतने को तैयार रहें। प्रधानमंत्री ने उन्हें निर्देश दिया है कि वे एक बढ़िया कश्मीर का निर्माण करें जहां भ्रष्टाचार, अक्षमता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पर वे काफी गंभीर हैं।
बातचीत में गवर्नर ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश के तत्काल बाद उन्होंने एक निगम का गठन किया। इसने बैंकों से आठ हजार करोड़ रुपये उधार लिया जिससे सभी पेंडिंग काम एक साल में पूरे किए जाएंगे। निजी कंपनियों को लाए जाने संबंधी सवाल पर कहा कि इसके लिए जरूरत है कि घाटी खासकर श्रीनगर के बारे में परसेप्शन साफ किया जाए। भूमि व श्रमिकों जैसी कई समस्याएं हैं, लेकिन इन सबसे ज्यादा उद्योगों को स्थापित करने के लिए क्लीयरेंस के मामले हैं। एक उद्योग लगाने के लिए चार साल में क्लीयरेंस मिलता है। अफसरशाही का एक वर्ग काफी लापरवाह है।
उन्होंने बताया कि जम्मू में इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया जा रहा है। बाद में इसे कश्मीर में भी आयोजित किया जाएगा। पर्यटन को पुनर्जीवित करने की जरूरत है। इसमें हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट जैसे सेक्टर की भी मदद ली जाएगी। उनकी प्राथमिकता है कि डल झील की सफाई हो और 2014 जैसी बाढ़ दोबारा न आए। अगले छह महीने में इसकी सफाई की हिदायत दी गई है। साथ ही इसका एरिया भी चिह्नित करने को कहा गया है। वुलर झील गाद से भरी हुई है जिससे झेलम का पानी उसमें जा नहीं पाता है।