जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एन एन वोहरा ने भाजपा और पीडीपी से नई सरकार के गठन के लिए प्लान मांगा है। गवर्नर की ओर से इस बाबत पीडीपी अध्यक्ष और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को चिट्ठी भेजी गई है। गवर्नर द्वारा पत्र भेजे जाने के बाद रियासत की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
नेशनल कांफ्रेंस की चुप्पी के बाद भाजपा ने पीडीपी से बातचीत शुरू की है, लेकिन, सीएम पद पर पीडीपी अड़ गई है। पीडीपी के ताजा रुख से भाजपा की मुहिम को गहरा झटका लगा है। इस बीच, पीडीपी ने निर्दलीय विधायकों से भी संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
गवर्नर के प्रधान सचिव आर के गुप्ता ने भाजपा और पीडीपी के अध्यक्षों को पत्र भेजे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि गवर्नर ने दोनों दलों के प्रमुखों को नई सरकार के गठन के बारे में विचार विमर्श के लिए बुलाया है।
अब नेकां ने लिया यू टर्न
गवर्नर दोनों दलों से अलग-अलग बात कर उनकी योजना जानने का प्रयास करेंगे। सूत्रों का कहना है कि गवर्नर दोनों दलों से समर्थक विधायकों की सूची भी मांग सकते हैं। इस पत्र के जारी होने से पहले नेकां के उमर अब्दुल्ला पीडीपी को समर्थन का खुला आफर देने की बात कर रहे थे, लेकिन, अब उन्होंने यू टर्न ले लिया है।
उमर ने कहा कि उन्होंने मौखिक प्रस्ताव दिया था। नेकां ने समर्थन की लिखित चिट्ठी पीडीपी को नहीं दी है। उमर के ताजा रुख से नेकां और भाजपा की बातचीत के द्वार फिर खुल गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को विधायक दल का नेता बनाकर भाजपा ने मुख्यमंत्री पद पर प्रत्यक्ष दावा जताया, लेकिन, यह पीडीपी को रास नहीं आ रहा है।
इससे पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के समक्ष भाजपा की ओर से समझौते का फार्मूला रखा गया था। इसके तहत उमर को राज्यसभा की सीट और केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान और रियासत में नेकां को उप मुख्यमंत्री का प्रस्ताव था।
नेकां ने इस पर चुप्पी साध ली। उमर को उम्मीद थी कि भाजपा 2002 का इतिहास दोहराते हुए उन्हें सीएम बनाएगी। 2002 में 21 विधायक होने के बावजूद कांग्रेस ने 16 विधायकों वाली पीडीपी के मुफ्ती मोहम्मद को सीएम बनाया था।
छह साल के लिए सीएम का पद चाहते हैं मुफ्ती
उमर की चुप्पी के बाद भाजपा महासचिव राम माधव ने श्रीनगर में पीडीपी नेता एवं सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग से दो राउंड बातचीत की। बेग ने साफ कर दिया कि मुफ्ती पूरे छह साल के लिए सीएम का पद चाहते हैं।
इससे कम में समझौता होता नहीं दिखता। पीडीपी के इस रुख से भाजपा के लिए अपना मुख्यमंत्री बनाना मुश्किल हो गया है। भाजपाई सीएम सिर्फ नेकां की मदद से ही संभव है। इसके लिए उमर से फिर से संपर्क साधा जा सकता है।
निर्दलियों पर पीडीपी ने डाले डोरे
पीपुल्स कांफ्रेंस के चीफ सज्जाद लोन ने साफ कर दिया है कि वह और उनके दूसरे एमएलए अब भी भाजपा के साथ हैं। पीडीएफ के हकीम यासिन पर कांग्रेस और पीडीपी ने डोरे डालना शुरू किया है। यासिन पहले भाजपा के समर्थन का ऐलान कर चुके हैं। निर्दलीय पवन गुप्ता भाजपा के साथ जा सकते हैं।
विधायक इंजीनियर रशीद ने नेकां और पीडीपी के गठबंधन की वकालत कर चौंकाया है, लेकिन, भाजपा उन्हें अपने साथ मान रही है। विधायक बशीर रिजवी फिलहाल नेकां के साथ हैं। वैसे वह पहले कांग्रेस में रह चुके हैं। सीपीएम विधायक एम वाई तारिगामी भाजपा विरोधी गठबंधन के साथ खड़े होंगे।