फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीर में पाकिस्तान कोई मुद्दा नहीं, युवाओं के भटकने की मूल वजह ‘भ्रष्टाचार’: राज्यपाल मलिक

Thu, 01 Nov 2018 07:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक - फोटो : फाइल
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि कश्मीर में पाकिस्तान कोई मुद्दा नहीं है। जब मैं वहां गया तो वहां की असल समस्या से रूबरू हुआ। जम्मू में भ्रष्टाचार चरम पर है। अब तक जितना पैसा केंद्र से जम्मू-कश्मीर के लिए गया, यदि उसका सही इस्तेमाल हुआ होता तो आज कश्मीर सोने का होता।
विज्ञापन


पटना विश्वविद्यालय में ‘न्यू इनसेंटिव इन जम्मू-कश्मीर’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में मलिक ने घाटी के युवाओं को मुख्यधारा में शामिल करने को लेकर अपने स्तर पर चलाए जा रहे अभियानों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वहां के युवा बाहरी शक्तियों के प्रभाव में कैद हैं। शाम छह बजे के बाद कश्मीर में युवाओं के पास कोई काम नहीं है।

कश्मीर की बड़ी समस्या भाई भतीजावाद और सिफारिशें हैं। युवाओं के भटकने के पीछे की मूल वजह वहां तेजी से फैला भ्रष्टाचार है। खास तौर पर नौकरी या किसी भी खेल में भाई भतीजावाद। जम्मू-कश्मीर में सिफारिश पर ही किसी को कुछ मिलता रहा है।  
विज्ञापन


मलिक ने हाल ही में रिलायंस के टेंडर को कैंसिल करने पर कहा कि पूरे सूबे में मैंने बड़ा खतरा उठाया है, ताकि भ्रष्टाचार खत्म कर सकूं। अब राज्य में बिना भ्रष्टाचार और भेदभाव के सभी निवेशकों को मौका मिलेगा, ताकि राज्य का संपूर्ण विकास हो सके।
विज्ञापन

विकास से जीतेंगे आतंकवाद के खिलाफ जंग

मलिक ने दावा किया कि आतंकवाद के खिलाफ जंग को विकास के जरिये जीतने कि कोशिश होगी। जम्मू-कश्मीर में पंचायत के सभी गांवों को डेढ़ करोड़ रुपये विकास के लिए दिए जाएंगे। पूरे राज्य में पंचायती राज व्यवस्था को सही तरीके से लागू किया जाएगा।

युवाओं के हाथों में पत्थर की जगह क्रिकेट की गेंद होगी
मलिक ने कहा कि वैसे युवा जिन्होंने बेरोजगारी के कारण हथियार उठाया है। समाज की मुख्य धारा से जुड़ जाएं इसके लिए मैंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात की है। जल्द वहां इंटरनेशनल स्टेडियम बनवाया जाएगा ताकि आईपीएल के मैच हो सकें। युवाओं के हाथों में पत्थर की जगह क्रिकेट की गेंद होगी।  

जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल बनना मेरे लिए चुनौतीपूर्ण
बिहार के अनुभव का जिक्र करते हुए मलिक ने कहा कि मैं बिहार में बहुत खुश था। जब कहा गया कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल पद की जिम्मेदारी संभालनी है तो मुझे बिहार छोड़ने का दुख हुआ। जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल बनना मेरे लिए काफी चुनौतीपूर्ण है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें