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जम्मू-कश्मीर: गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में अनिवार्यता राष्ट्रवाद थोपने का मुद्दा नहीं: राज्यपाल मलिक

Mon, 21 Jan 2019 03:08 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक - फोटो : फाइल
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जम्मू-कश्मीर में गणतंत्र दिवस को लेकर सरकार के आदेश को लेकर घमासान मचा हुआ है। इस आदेश में सरकारी कर्मचारियों को 26 जनवरी को जम्मू और श्रीनगर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने की अनिवार्यता कर दी है। इसको लेकर कई राजनीतिक पार्टियां नेशनलिज्म थोपने का मुद्दा बना रही हैं। 
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इसको लेकर सोमवार को राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बोला कि "जो आर्डर है वो कुछ भी गलत नहीं है और मैं उसपर अडिग हूं। यह कोई आर्डर नहीं है। हर साल यह आदेश सरकारी कर्मचारियों को जाता रहा है। इसमें कहीं कोई नेशनलिज्म थोपने की कोई बात नहीं है।"

इस बात पर उठा विवाद
जम्मू कश्मीर प्रशासन ने सरकारी कर्मियों के लिए श्रीनगर और जम्मू में गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों में हिस्सा लेने को अनिवार्य कर दिया है। साथ में चेताया गया है कि अगर कोई समारोह में शिरकत नहीं करता है तो यह ड्यूटी में लापरवाही और सरकार के निर्देश की अवज्ञा मानी जाएगी।
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गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत के विरोध को स्वीकार नहीं किया जा सकता है: राम माधव

जम्मू कश्मीर के सरकारी कर्मचारियों की गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में मौजूदगी अनिवार्य करने पर मचे विवाद के बीच, भाजपा महासचिव राम माधव ने रविवार को कहा था कि कार्यक्रम में शिरकत को लेकर किसी भी विरोध को स्वीकार नहीं किया सकता है क्योंकि यह हर नागरिक के लिए गर्व की बात है।    

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने राजनीतिक पार्टियों द्वारा आदेश की कथित आलोचना पर किए गए सवाल पर कहा, ‘‘यह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। हम सब को गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेना है।’’    

घाटी के सियासतदानों पर हमला करते हुए माधव ने कहा, ‘‘जब वे सत्ता में होते हैं तो कुछ और कहते हैं जब सत्ता से बाहर होते हैं तो अलगाववादी भावनाओं के लिए मददगार होते हैं।’’    

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ अधिकारी विरोध कर रहे हैं तो यह गंभीर मामला है और मुझे यकीन है कि राज्य सरकार उचित कार्रवाई करेगी।’’

 
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