केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में नागरिकता संबंधी नियमों में बदलाव के बाद स्थानीय जनता में फैले खौफ को दूर करने की तैयारी कर ली है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, जल्द ही एक नया कानून लाने की तैयारी है, जो जम्मू-कश्मीर के लोगों के जमीन संबंधी अधिकारों को संरक्षित करेगा।
नया कानून बनाने की तैयारी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया, कानून संसद में पारित कराया जाएगा, क्योंकि नवगठित केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में चुनाव होने बाकी हैं। नए कानून पर काम चल रहा है, जो जम्मू-कश्मीर के लोगों के सभी तरह के खौफ को दूर कर देगा। गौरतलब है कि पिछले साल 5 अगस्त को अनुच्छेद-370 खत्म होने के बाद जम्मू-कश्मीर के मूल निवासियों में डर है। अनुच्छेद-370 की समाप्ति के साथ राज्य की जमीनों, अचल संपत्तियों और नौकरियों पर मूल निवासियों का एकाधिकार खत्म हो गया।
यह भी पढ़ेंः अरुण जेटली घर में पढ़ते थे जम्मू-कश्मीर का संविधान, पर इस प्लान से संगीता भी थीं अनजान
अप्रैल में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में नए नागरिकों नियमों से जुड़ा संशोधन आदेश एक सप्ताह में ही पलट दिया था, क्योंकि इसके बाद घाटी में प्रदर्शन बढ़ गया था। तीन अप्रैल को जारी संशोधित आदेश में कहा गया था कि नवगठित केंद्र शासित प्रदेश के केवल मूल निवासी ही वहां नौकरी पाने का हक जता पाएंगे।
आदेश में जम्मू-कश्मीर प्रबंधन में गैर कश्मीरियों के लिए सरकारी नौकरियों में आवेदन करने पर प्रतिबंध लगाया गया था। इससे पहले 31 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्थानीय सरकारी नौकरियों में देश के सभी हिस्सों के नागरिकों के लिए आवेदन करने की छूट दे दी थी।
यह भी पढ़ेंः कोरोना संक्रमित जवान की मौत, श्रीनगर में हुआ अंतिम संस्कार, बेबसी का ये मंजर देख सभी रो पड़े