हुर्रियत (म) के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक
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हुर्रियत (म) के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने बुधवार को कहा कि वह भारत सरकार से उम्मीद रखते हैं कि मानवता के मापदंडों के भीतर विवाद को निपटाने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी के दृष्टिकोण को लेकर आगे चले। उन्होंने आशा की कि भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच समग्र वार्ता में कश्मीर के लोगों को शामिल करने के तरीके और साधन विकसित करेंगे।
दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त द्वारा पाकिस्तान डे पर आयोजित कार्यक्रम के लिए श्रीनगर से रवाना होने से पूर्व मीरवाइज ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान उच्चायुक्त अब्दुल बासित द्वारा न्योता भेजा गया था। उन्होंने कहा कि हुर्रियत कांफ्रेंस किसी भी देश या राष्ट्र के खिलाफ नहीं है। हमने हमेशा भारत-पाकिस्तान के बीच वार्ता प्रक्रिया का स्वागत किया है।
मीरवाइज ने कहा कि हमें उम्मीद है कि दोनों देश अपने बीच होने वाली समग्र वार्ता में कश्मीर के लोगों को शामिल करने के तरीके और साधन विकसित करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि अटल बिहारी वाजपेयी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया जाए, जिसमें उन्होंने कहा कि मुद्दों को इंसानियत (मानवता) के मापदंडों पर सुलझाया जाए।
मीरवाइज ने नई दिल्ली में पाकिस्तान दिवस समारोहों में अलगाववादी नेताओं की उपस्थिति के विरोध को खारिज करते हुए कहा कि हम हमेशा से जाते रहे हैं पाक उच्चायुक्त के न्योते पर। उन्होंने कहा कि हम वहां अपना दृष्टिकोण उनके सामने रखने जाते हैं, न की किसी का विरोध करने के लिए। गौरतलब है कि करीब 150 अलगाववादी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली गए हैं। जेकेएलएफ के चेयरमैन यासीन मलिक किन्हीं कारणों से इसमें शामिल नहीं हो पाए।