केंद्र सरकार ने हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी का पासपोर्ट 4 हफ्ते के लिए निलंबित कर दिया है। इसकी वजह यह मानी जा रही है कि गिलानी न्यूयॉर्क में एक सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले थे जहां वह भारत के खिलाफ बोल सकते थे।
केंद्र सरकार ने यह कार्रवाई उन खबरों के चलते की है, जिसके मुताबिक हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता गिलानी की न्यूयॉर्क जाने की योजना थी।
उन्हें वहां पर आर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कारपोरेशन (ओआईसी) के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों और कश्मीर कॉन्टेक्ट ग्रुप के 27 सितंबर से शुरू होने वाले सालाना सम्मेलन में शामिल होना था।
पाकिस्तान समर्थक 85 वर्षीय गिलानी को इस साल जुलाई में अपनी बीमार बेटी फरीदा से जेद्दा में देखने जाने के लिए नौ महीने के लिए पासपोर्ट जारी किया गया था।
इससे पहले बॉयोमेट्रिक जानकारी देने से इनकार करने पर मई में पासपोर्ट जारी करने के उनके आवेदन को खारिज कर दिया गया था। गिलानी के प्रवक्ता ने कहा कि ओआईसी ने कई बार पहले भी उन्हें आमंत्रित किया लेकिन यात्रा दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के चलते वह नहीं जा सके।