मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन हुआ। इस मौके पर घाटी में नहरों, नदियों और अन्य जल स्रोतों में पानी के स्तर की कमी के कारण सूखे की स्थिति को लेकर भी जानकारी ली गई। महबूबा ने कहा कि तमाम क्षेत्रों में उपभोक्ताओं के लिए नियमित बिजली सुनिश्चित करवाई जाए।
उन्होंने पीडीडी अधिकारियों को करटेलमैंट शेड्यूल का सख्ती से पालन करने को कहा है। पीडीडी के अधिकारियों को कंट्रोल रूम स्थापित कर इन्हें 24 घंटे क्रियाशील रखने के निर्देश दिए। पीएचई विभाग पेयजल की कमी वाले क्षेत्रों में टैंकर सेवा उपलब्ध करवाए। नए जल साधनों की पहचान के लिए हैंडपंप और कुओं की संभावनाओं को बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बताया कि 200 ट्रांसफार्मर का एक भंडार रखा गया है। यह 200 ट्रांसफार्मरों के अतिरिक्त हैं जो पहले से ही वितरण प्रणाली के सर्कुलेशन में है। महबूबा मुफ्ती को बताया गया कि घाटी में सूखे के कारण लगभग 100 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। जल संसाधनों के संरक्षण हेतु प्रयास जारी हैं। यह भी बताया कि पूरी घाटी में 160 हैंडपंप लगाए जा रहे हैं।
ऊर्जा राज्यमंत्री सईद फारूक अंद्राबी, पीडीडी के प्रमुख सचिव धीरज गुप्ता, पीएचई सचिव एम. राजू, मंडलायुक्त कश्मीर बसीर अहमद खान, आईजीपी कश्मीर जोन मुनीर अहमद खान, विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों के प्रमुख, श्रीनगर के उपायुक्त डॉ. सईद आबिद रसीद, एसएमसी आयुक्त रियाज अहमद वानी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।