42 करोड़ की देनदारी चुकाना कोष विभाग के लिए टेढ़ी खीर बन गया है। ऐसे में रोजाना जहां भुगतान के लिए लोगों का तांता लग रहा है, वहीं विरोध प्रदर्शन का सिलसिला शुरू हो गया है। शनिवार को सरकारी निर्माण के ठेकेदारों ने देनदारी जल्द न चुकाए जाने की सूरत में कोष विभाग पर ताला जड़ने की चेतावनी जारी कर दी।
ऐसी परिस्थितियों में विभिन्न सरकारी महकमों, सेवा प्रदाता ठेकेदारों, मुलाजिमों में रोष बढ़ गया है तो कोष विभाग पर्याप्त राशि न मिलने से लाचार हो गया है। कोष विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बकाया राशि जारी करने के लिए ऐसे हालात पहले कभी नहीं बने।
वित्तीय वर्ष खत्म होने के साथ ही अधिकांश राशि का भुगतान कर दिया जाता था। लेकिन इस बार के हालात बिल्कुल अलग हैं। वित्तीय वर्ष खत्म होने के बावजूद विभाग के पास 42 करोड़ की भारी भरकम राशि देने की जिम्मेदारी है। मई महीने में कुछ राशि जारी होने से देनदारी का बोझ कम जरूर हुआ है।
ठेकेदारों से लेकर मुलाजिमों का भुगतान अब भी अटका है। कोष विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मार्च महीने तक की देनदारी का बड़ा हिस्सा चुकाया गया है। सरकार चरणवार रूप से पैसा जारी कर रही है, लेकिन वह उतना नहीं है जितने की जरूरत है।
राशि के भुगतान में हो रहे लगातार विलंब का सीधा असर कोष विभाग के कामकाज पर पड़ रहा है। रोजाना पेमेंट लेने वालों को समझाना मुश्किल हो गया है। वेतन का भुगतान न होने से मुलाजिमों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। यही वजह है कि आए दिन वे आंदोलन कर रहे हैं।