जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन के मुद्दे पर कायम अनिश्चितता जल्द खत्म हो सकती है। यह लगभग साफ हो गया है कि राज्य में भाजपा और पीडीपी का गठबंधन बना रहेगा।
भाजपा भी अब मोल-तोल के मूड में नहीं है। नई सरकार के गठन के लिए परस्पर शर्तें थोपने की स्थिति भी अब वजूद में नहीं रह गई है।
पीडीपी सूत्रों के मुताबिक मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद पार्टी ऐसा कोई संकेत नहीं देना चाहती, जिससे उनके विजन कश्मीर की भावना को कहीं से भी ठेस पहुंचे।
पार्टी ने पूरी तरह एकजुट होकर महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में आस्था जताई है और महबूबा ने अपने पिता के पथ पर ही चलने का संकेत दिया है। शोक के माहौल के कारण सियासी गतिविधियां आगे नहीं बढ़ सकी हैं।
अब राज्यपाल शासन लग चुका है इसलिए महबूबा किसी तरह की जल्दबाजी में भी नहीं हैं। दो-तीन दिन बाद जम्मू में भाजपा और पीडीपी के बीच बातचीत के बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया जा सकता है।