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कश्मीर घाटी से हुआ जैश नेतृत्व का सफाया, जो ओजीडब्ल्यू बचे हुए अंडर ग्राउंड: सेना

Sun, 14 Apr 2019 11:33 AM IST
Pranjal Dixit रवि वर्मा, राजोरी

सार

  • पाकिस्तान को उसी की भाषा में दिया जा रहा मुंहतोड़ जवाब
  • पांच से छह बार जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना को उठाना पड़ा है भारी नुकसान 
  • एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की ओर से नहीं हुई स्नाइपिंग की घटनाएं
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व्हाइट नाइट कोर (16 कोर) के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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व्हाइट नाइट कोर (16 कोर) के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह ने बताया कि राजोरी-पुंछ जिलों में पाकिस्तानी सेना ने गत डेढ़ माह में 513 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। इनमें भारतीय चौकियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया है। मगर भारतीय सेना पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है और उसी की भाषा में माकूल जवाब दे रही है। जब कभी भी पाकिस्तान की ओर से नापाक हरकत होती है तो भारत की ओर से कड़ा संदेश दिया जाता है। 
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उन्होंने कहा कि पांच से छह बार जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पाकिस्तानी सेना ने 100 से अधिक बार मोर्टार तथा भारी हथियारों का इस्तेमाल सीजफायर उल्लंघन तथा रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने के दौरान किया है। इसमें शुक्रवार को चार नागरिक पुंछ में घायल हो गए। कहा कि एयर स्ट्राइक के बाद स्नाइपिंग की घटनाओं में भी कमी आई है। स्नाइपिंग की घटनाओं को देखते हुए सेना ने अपने सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया है।

इस साल 26 फरवरी तक स्नाइपिंग की केवल तीन घटनाएं हुई हैं जिसमें एक पोर्टर की मौत हो गई। 27 फरवरी से स्नाइपिंग की कोई घटना न होने का मतलब है कि सेना की रणनीति सफल रही है। उन्होंने कहा कि सेना का मनोबल काफी ऊंचा है। बार्डर पर तैनात जवानों के होते हुए नागरिकों को चिंता करने की कोई बात नहीं है। सेना किसी भी चुनौती से निपटने को तैयार है। 
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घाटी में जैश नेतृत्व समाप्त
जीओसी ने कहा कि 14 फ रवरी को हुए पुलवामा हमले के जवाब में 26 फरवरी को बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर पर हवाई हमले के बाद कश्मीर घाटी में पाकिस्तान के इस संगठन के नेतृत्व को धराशायी कर दिया गया है। जहां तक जम्मू संभाग की बात है तो यहां एयर स्ट्राइक से पहले और बाद में कोई बड़ी आतंकी घटना नहीं हुई है। ग्राउंड रिपोर्ट यह नहीं दर्शाते हैं कि जम्मू संभाग में अचानक से आतंकी गतिविधियों में बढ़ोत्तरी हुई है। किसी भी भाग से ओवर ग्राउंड वर्करों की अचानक सक्रियता बढ़ने की भी रिपोर्ट नहीं है। पीओके में की गई एयर स्ट्राइक के बाद पाक प्रायोजित आतंकवाद पूरे कश्मीर में थम सा गया है। ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) अंडर ग्राउंड हो गए हैं। 

घुसपैठ रोकने में सक्षम
सर्दी के बाद गर्मी का मौसम शुरू होते ही घुसपैठ बढ़ जाती है। इसके लिए सेना सतर्क और तैयार है। पाकिस्तान फिर से आतंकवाद को पुनर्जीवित करने में लगा हुआ है, जिसे सफल नहीं होने देंगे।
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सेना जवानों के नाम पर राजनीति के डिबेट में नहीं पड़ना चाहती
जीओसी ने कहा कि सेना जवानों के नाम पर लोकसभा चुनाव के दौरान हो रही राजनीति के मामले में किसी डिबेट में नहीं पड़ना चाहती है। दरअसल लोकसभा चुनाव के दौरान जवानों के नाम पर हो रही राजनीति पर उनकी टिप्पणी पूछे जाने पर वे जवाब दे रहे थे। 

देश का कोई कोना घटनाओं से सुरक्षित नहीं
जीओसी ने कहा कि देश का कोई भी कोना घटनाओं को लेकर सुरक्षित नहीं है। पहले चरण के चुनाव के शांतिपूर्वक संपन्न होने पर संतोष जताया। पिछले साल पुंछ व राजोरी में हथियार लूट, आतंकियों की गिरफ्तारी तथा ड्रग की बरामदगी से जुड़े सवाल पर कहा कि दुश्मन राज्य में कहीं भी शांति नहीं चाहता है। लेकिन सेना लोगों के सहयोग से इसे नाकाम कर देती है। जिन लोगों ने भी राजोरी, पुंछ व सूरनकोट को 1990 के बाद देखा है वे अच्छी तरह जानते हैं कि स्थानीय लोगों, प्रशासन, पुलिस व सेना की मदद से इलाके से आतंकवाद को समाप्त कर दिया गया। 
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