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Jammu News: मेडिकल कॉलेज में थमेगी मनमानी, जल्द शुरू होगी प्रीपेड एंबुलेंस सेवा

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जीएमसी की इमरजेंसी बि​​​ल्डिंग और यहां खड़े तीमारदार। अमर उजाला
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जम्मू। मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी और वार्डों में भर्ती मरीजों के परिजन (तीमारदारों) को अब एंबुलेंस चालकों की मनमानी का शिकार नहीं होना पड़ेगा। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते जल्द ही प्रीपेड एंबुलेंस सेवा शुरू करने जा रहा है। इसके लिए जीएमसी में बूथ बनकर तैयार है। किराया निर्धारित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी ने आरटीओ को पत्र लिखा है।
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प्रीपेड एंबुलेंस व्यवस्था को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आरटीओ सामान्य एंबुलेंस और ऑक्सीजन युक्त या वेंटिलेटर लाइफ सपोर्ट जैसी सुविधा के आधार पर किराया निर्धारित करेंगे। किराया सूची स्वीकृत होते ही प्रीपेड एंबुलेंस सेवा शुरू कर दी जाएगी। सीएमओ डॉ. भारत भूषण के अनुसार प्रीपेड एंबुलेंस बूथ बनकर तैयार है। किराया निर्धारण की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
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ऐसे काम करेगी प्रीपेड प्रणाली

- अस्पताल परिसर के भीतर ही प्रीपेड एंबुलेंस काउंटर स्थापित किया गया है।
- नई व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और बिचौलिया मुक्त होने का दावा है।

- तीमारदार को काउंटर पर निर्धारित सरकारी रेट का भुगतान करके रसीद लेनी होगी।
- निर्धारित दर का भुगतान करने के बाद काउंटर से मिले कूपन को देखकर ही निजी एंबुलेंस मरीज को लेकर जाएगी।


पहले और बाद में बदलाव
वर्तमान स्थिति - नई व्यवस्था
मनमाना किराया - आरटीओ द्वारा निर्धारित तय दर

तीमारदारों से मोलभाव - सीधे काउंटर पर भुगतान
कार्रवाई में मुश्किल - कूपन ट्रैकिंग से दोषी चालक तुरंत बैन

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केस स्टडी - लुधियाना जाने के वसूल लिए 20 हजार
केस एक - जीएमसी की इमरजेंसी में भर्ती मरीज को तीमारदार मार्च 2025 में लुधियाना के लिए निजी एंबुलेंस में लेकर गए। चालक ने लुधियाना तक लगभग 281 किलोमीटर दूरी का 20 हजार रुपये किराया वसूल किया। मामला स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों तक पहुंचा था।
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चंडीगढ़ के लिए हड़पे 27 हजार
केस दो - मेडिकल कॉलेज के महिला वार्ड से बुजुर्ग महिला को तीमारदार निजी एंबुलेंस से पीजीआई चंडीगढ़ तक लगभग 364 किलोमीटर लेकर गए। एंबुलेंस चालक ने 27 हजार रुपये वसूल किए। परिजन ने जीएमसी की शिकायत पेटी में पत्र के माध्यम से व्यथा सुनाई थी।
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जीएमसी की इमरजेंसी बिल्डिंग और यहां खड़े तीमारदार। अमर उजाला

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