जम्मू। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में मौसम की सटीक जानकारी और प्राकृतिक आपदाओं की समय रहते चेतावनी देने के लिए जम्मू में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) शुरू किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह पांच जून को सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन में आयोजित कार्यक्रम में औपचारिक शुरुआत करेंगे।
नया केंद्र अत्याधुनिक मौसम निगरानी प्रणाली, डॉप्लर वेदर रडार और ऑटोमेटिक वेदर स्टेशनों के नेटवर्क से जुड़ा होगा। भारी बारिश, बर्फबारी, बादल फटना, आंधी-तूफान, हिमस्खलन, लू और शीतलहर जैसी घटनाओं की पहले और ज्यादा सटीक जानकारी मिल सकेगी। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को समय रहते तैयारी करने में मदद मिलेगी। पहाड़ी क्षेत्रों में बाढ़, बादल फटने और हिमस्खलन जैसी घटनाओं को देखते हुए केंद्र को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां से मौसम पूर्वानुमान, निगरानी और शुरुआती चेतावनी सेवाओं का समन्वय किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि पूरे उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के मौसम की ज्यादा सटीक और समय पर जानकारी मिल सकेगी। उद्घाटन कार्यक्रम में भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक एम महापात्रा, मौसम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न केंद्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
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किसानों को होगा फायदा
अधिकारियों के अनुसार केंद्र का लाभ खेतीबाड़ी, बागवानी, पर्यटन, विमानन, जलविद्युत परियोजनाओं, परिवहन और जल संसाधन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को भी मिलेगा। समय पर मौसम की जानकारी मिलने से किसानों और बागवानों को फसलों व बागों की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी। पर्यटन और परिवहन क्षेत्र भी मौसम से जुड़े जोखिमों को कम कर सकेंगे। मौसम विभाग का कहना है कि नया केंद्र शुरू होने से मौसम पूर्वानुमान, जलवायु निगरानी और चेतावनी प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी। मौसम संबंधी जानकारी और अधिक भरोसेमंद होगी तथा आपदा प्रबंधन एजेंसियों को तेजी से निर्णय लेने में मदद मिलेगी।