ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी गुट के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी ने बुधवार को श्रीनगर के एनआईटी के गैर कश्मीरी छात्रों को स्थानीय छात्रों के प्रति हिंसा न करने पर जोर देते हुए कहा यदि गैर रियासती छात्र यहां पढ़ रहे हैं, तो हमारी तरफ से उनकी पढ़ाई में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।
गिलानी करीब दो माह दिल्ली में बिताने के बाद बुधवार को वापस कश्मीर पहुंचे। कट्टरपंथी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने हैदरपोरा स्थित अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कश्मीरी छात्रों को, नौजवानों को यहां अपने ही घर में जहां राज्य सरकार प्रताड़ित करती है, वहीं रियासत से बाहर अन्य राज्यों में पुलिस व केंद्र सरकार। उन्होंने कहा कि कश्मीरियों को हर जगह प्रताड़ित किया जा रहा है।
गिलानी ने कहा कि हमारा दीन किसी भी तरह से गैर मुस्लिमों के प्रति चाहे वह किसी भी जगह के रहने वाले हों, उनकी जबान और तहजीब कैसी हो, हिंसक व्यवहार की इजाजत नहीं देता। हुर्रियत नेता ने कहा कि एनआईटी कभी रियासत का एक हिस्सा था। उस समय यह एक इंजीनियरिंग कालेज हुआ करता था। लेकिन केंद्र सरकार ने इसे एनआईटी का नाम देकर कब्जा कर लिया।
इसलिए आज एनआईटी के ये हालात हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस और भाजपा अपना एजेंडा जम्मू-कश्मीर में लागू करने पर तुले हुए हैं। उन्हें नाकाम बनाने के लिए रियासत के सभी वर्गों के लोगों को अपने मजहब, जबान, खित्ते की हदों से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा।