स्वास्थ्य समस्याओं के कारण गुलाम नबी आजाद ने चुनाव प्रचार से पीछे हटने की घोषणा की जिससे उनकी पार्टी के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। और उम्मीदवारों को अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का विकल्प दिया गया है।
डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा इस महत्वपूर्ण समय के दौरान पार्टी उम्मीदवारों का समर्थन नहीं कर पाने का उन्हें अफसोस है। चुनाव प्रचार में आजाद की अनुपस्थिति से पार्टी के प्रदर्शन पर असर पड़ना लाजमी है।
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आजाद ने नामांकन पत्र दाखिल करने वाले अपने सहयोगियों से यह आकलन करने का आग्रह किया कि क्या वे उनकी उपस्थिति के बिना आगे बढ़ सकते हैं। कहा, कि अगर उन्हें लगता है कि उनकी अनुपस्थिति से संभावनाओं पर असर पड़ेगा तो उन्हें अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की आजादी है। एक बयान में आजाद ने बताया कि 25 अगस्त की रात को उन्हें श्रीनगर में सीने में तेज दर्द हुआ। अगली सुबह वह दिल्ली में एम्स अस्पताल में भर्ती हुए जहां दो दिन तक रहे। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें तत्काल कोई खतरा नहीं है। लेकिन वह अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।
जिसके लिए उन्हें नियमित दवा और आराम की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इन अप्रत्याशित परिस्थितियों ने मुझे प्रचार अभियान से पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय राजनीति में लंबे समय तक रहे आजाद आजाद ने दशकों तक जम्मू-कश्मीर की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपने व्यापक अनुभव और राजनीतिक कौशल के लिए जाने जाने वाले आजाद के चुनाव अभियान से अनुपस्थिति विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। डीपीएपी ने अभी तक तीन सूचियों में 15 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं।