उन्होंने यूनिवर्सिटी कैंपस के अलावा नेहरू युवा केंद्र के विद्यार्थियों से संवाद किया। इस बीच पंचों, सरपंचों ने आजाद से मुलाकात कर अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। आजाद ने कहा कि भद्रवाह में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। लेकिन अफसोस है कि जो कार्य उनके कार्यकाल में शुरू किए गए थे वे आज भी अधूरे पड़े हुए हैं। भद्रवाह में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, जिससे क्षेत्र की अर्थ व्यवस्था मजबूत हो सके।
उन्होंने कहा कि सरकार को बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर काम करना चाहिए। लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जाएं। आजाद ने पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। देर शाम कड़ी सुरक्षा के बीच आजाद का काफिला चंद्रकोट के लिए रवाना हो गया। दौरे के आखिरी दिन आजाद रामबन में रहेंगे।