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पैंतीस किलो ही मिल रहा राशन

Wed, 22 Oct 2014 02:05 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
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कश्मीर में आई बाढ़ के बाद सरकार द्वारा छह माह के लिए प्रति परिवार प्रति माह पचास किलो राशन देने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन सरकार के इस फैसले की धज्जियां निकलते नजर आ रही है। सीएपीडी के डिपो द्वारा केवल पैंतीस किलो राशन ही लोगों को दिया जा रहा है। इससे प्रभावितों में रोष है।
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उनका कहना है कि सरकार अपने ही फैसले से मुकर रही है। श्रीनगर के छानपुरा इलाके के रहने वाले फारूक अहमद के अनुसार सरकार द्वारा किया गया वादा मजाक साबित हुआ है। श्रीनगर के अलावा अन्य जगहों से भी इस तरह की बातें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि पचास किलो की जगह पैंतीस किलो राशन ही प्रति परिवार दिया जा रहा है।

फारूक के अनुसार उनके इलाके के सीएपीडी डिपो के सेल्समैन का कहना है कि सरकार से मिले आदेश के अनुसार वितरण किया जा रहा है। वहीं एक सामाजिक कार्यकर्ता नासिर के अनुसार राशन की मात्रा में कटौती से जाहिर है कि राज्य एवं केंद्र सरकार के पास पर्याप्त पैसा नहीं है, जिससे पर्याप्त राशन मुहैया करवा सके।
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उनके अनुसार बार-बार कश्मीर में बरपे कहर को राष्ट्रीय आपदा घोषित किए जाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वह बाहर से सहायता ले सकें। स्थानीय आरिफ के अनुसार अगर सरकार ने राशन वितरण में कटौती का अगर कोई फैसला लिया भी है, तो उसे लोगों तक पहुंचानी चाहिए, ताकि लोगों को सही स्थिति की जानकारी हो सके।

 वहीं सीएपीडी के एक अधिकारी के अनुसार सरकार द्वारा उन्हें आदेश दिए गए हैं कि छह माह के लिए प्रति परिवार दो सौ दस किलो राशन दिया जाना चाहिए, जो पैंतीस किलो प्रति परिवार हर माह बनता है। इन्हीं आदेश के तहत डिपो से राशन मुहैया करवाया जा रहा।
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