जम्मू के इतिहास में राजकीय गांधी मेमोरियल साइंस कालेज अपना ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह कालेज 1905 से चल रहा है, तबसे लेकर अब तक इस कालेज का जियोलाजिकल म्यूजियम अपने खास महत्त्व को दर्शाते हुए भूगर्भीय अध्ययनकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र है।
यहां सौ साल पुराना हाथी का दांत एवं इसके अन्य अवशेष हैं। कालेज के भूगर्भ विषय के प्राध्यापक डा. सुखचैन शर्मा ने बताया कि कालेज के तत्कालीन प्रोफेसर डा. डीएन वाडिया द्वारा यह ऐतिहासिक हाथी का 11 फीट दांत और इसके अन्य अवशेष नगरोटा के जगती पहाड़ियों से खोजकर लाए गए।
जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया ने 1951 में हाथी पर भारतीय डाक विभाग ने डाक टिकट भी जारी किया था, उस टिकट का प्रिंट भी हाथी के दांत के साथ रखा हुआ है, जिसमें हाथी के लंबे लंबे दांत दर्शाए गए हैं। हाथी के दांत के अलावा इंग्लैंड के जानवरों के भी यहां अवशेष हैं।