सेना प्रमुख और राज्यपाल एन एन वोहरा
- फोटो : PTI
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री से मुलाकात की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह शिष्टाचार भेंट थी। बैठक के दौरान महबूबा मुफ्ती ने सेना प्रमुख से जीप पर बंधे कथित पत्थरबाज के विवादित वीडियो का मुद्दा भी उठाया। यह वीडियो 9 अप्रैल को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। दोनों के बीच यह मुलाकात करीब 30 मिनट तक चली।
जम्मू स्थित पश्चिमी कमान की 9वीं कोर के दौरे पर पहुंचे जनरल रावत ने राज्यपाल एनएन वोहरा से भी मुलाकात की और उन्हें सीमा के हालात और आगामी अमरनाथ यात्रा के बारे में अवगत कराया। सेना प्रमुख ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को घाटी की जानकारी दी और बड़गाम में जीप पर कथित पत्थरबाज को बांधने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ समय पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सूत्रों के मुताबिक सेना के अधिकारियों ने जांच दल को बताया कि उन्हें आईटीबीपी और मतदान केंद्र की सुरक्षा में तैनात स्थानीय पुलिस की ओर से एक फोन आया कि उन्हें भीड़ से बचा लें वह उन्हें मारने के लिए बाहर निकल आयी है।
उन्होंने बताया कि सूचना के बाद कांदीपुरा से सेना की एक टुकड़ी वहां पहुंची और 36 वर्षीय फारूक डार को सेना की जीप से बांध दिया। उस घटना को अज्ञात लोगों ने अपने मोबाइल से शूट कर लिया। उस वीडियो में डार को पत्थरबाजों से बचाव के लिए कवच के तौर पर इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है। बाद में उस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। जांच के दौरान डार ने बताया कि जब वह अपनी बहन के घर जा रहा था तभी उसे उठा लिया गया। उसने दावा किया कि उसे सैन्य दल ने 10 से 12 गांवों में घुमाया उसके बाद उसे छोड़ दिया।